These special TRAINs will reach the people of REWA and SATNA trapped in INDORE.

रिश्वत का पैसा लेकर रेवांचल एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे सरकारी विभाग के अधिकारी तभी पहुंची टीम फिर….: REWA NEWS

रीवा

रेवांचल एक्सप्रेस में सफर कर रहे सरकारी विभाग के कुछ अधिकारियों के पास रिश्वत के करीब 55-56 लाख रुपये की नकदी होने की सूचना अज्ञात व्यक्तियों ने सागर पुलिस को दी थी। मामले में पुलिस एक्शन में आई। स्थानीय थाना पुलिस के द्वारा जीआरपी को मैसेज किया गया। रात करीब पौने 2 बजे जीआरपी ने अपने विभाग के एसपी से अनुमति लेकर संदिग्धों से पूछताछ की तो वे ऑडिट विभाग के अधिकारी निकले, जो रीवा से सरकारी विभागों का ऑडिट कर लौट रहे थे। उनके पास करीब 5 लाख रुपये की नकदी भी थी, जो उन्होंने इमजेंसी व स्वयं के खर्चे के लिए रखना बताया। मामले में सागर से खुरई के बीच लंबी पड़ताल की गई, पंचनामा बनाया गया व राशि उन्हें वापस कर दी गई है।

जीआरपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात मोतीनगर थाने से सूचना प्राप्त हुई थी। रीवा से भोपाल जाने वाली रेवांचल एक्सप्रेस की बोगी नंबर बी-2 कोच में बर्थ नंबर 34,35,37,38 पर जो लोग सफर कर रहे हैं, उनके पास करीब 56 लाख रुपये की नकदी है। यह राशि रिश्वत की होना पुलिस को बताया गया था। मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को सीधे तौर पर दी गई थी। पुलिस हरकत में आई, लेकिन मामला रेलवे से जुड़ा था, इसलिए पूरी सूचना जीआरपी को भिजवाई गई। जीआरपी ने इस मामले में अपने आला अधिकारियों से अनुमति ली और जैसे ही ट्रेन सागर स्टेशन पर रूकी तो उसमें सवार हो गए।

पुलिस को जो हुलिया बताया गया था, ट्रेन में वही लोग सफर कर रहे थे। समय कम होने के कारण जीआरपी ने चलती ट्रेन में पूछताछ व पड़ताल शुरू की तो उक्त सफर करने व्यक्ति सरकारी महकमे की ऑडिट टीम के अधिकारी निकले, जो रीवा कमिश्नर व पंचायत कार्यालयों से ऑडिट कर लौट रहे थे। तलाशी में इनके पास करीब 5 लाख रुपये नकद मिला। मामले में इनको खुरई स्टेशन पर उतारा गया, बयान लिए गए तो टीम ने यह रुपए स्वयं के हार्ट पेशेंट होने, स्वयं के खर्च व इमजेंसी के लिए रखना बताया। चूंकि रकम 10 लाख रुपये से कम थी, इसलिए जब्त नहीं की गई। इसलिए पंचनामा बनाकर वह रकम वापस कर दी गई।

Facebook Comments