विकास को लगी बुरी नजर, अब इस बड़े प्रोजेक्ट में लगा ब्रेक, REWA से लेकर SATNA तक फैला था प्रोजेक्ट

Rewa
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रीवा। अमृत योजना के तहत शहर में बिछाई जा रही सीवर लाइन का प्रोजेक्ट मनमानी की भेंट चढ़ गया है। शहर के कई प्रमुख हिस्सों में सड़कों को खोदकर गड्ढे बना दिए गए हैं जिनकी वजह से आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। योजना शुरू करने से पहले तमाम इंजीनियरों की टीमें सर्वे करने पूरे शहर में निकली थी, उस दौरान भी यही सड़कें थी। तब कहा गया था कि 36 महीने में प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। लगातार मनमानी की वजह से पहले नगर निगम के अफसरों ने कार्य में तेजी लाने के लिए कहा लेकिन ठेका कंपनी केके स्पन पर कोई असर नहीं हुआ।

शहर के लोगों द्वारा लगातार सड़कें खराब किए जाने की शिकायतें आ रही थी। इसी बीच संभागायुक्त जो वर्तमान में नगर निगम के प्रशासक भी हैं उन तक भी शिकायतें पहुंची, जिसके चलते उन्होंने शहर का भ्रमण किया और देखा कि सड़कें खोदकर आवागमन बाधित किया जा रहा है। पहले तो मौके पर ही उन्होंने ठेकेदार को निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाए लेकिन जब उस पर असर नहीं हुआ तो अफसरों की बैठक लेकर ठेकेदार को सप्ताह भर का समय दिया कि कार्य में रफ्तार लाए और सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखे। शहर के कालेज चौराहे में ही करीब दो महीने से गड्ढे खोदे गए हैं, लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। रीवा शहर में 214.10 करोड़ रुपए की लागत से यह सीवरेज प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। शहर के बड़े हिस्से में सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई लेकिन उनकी मरम्मत अब तक नहीं की गई है। जिसके चलते लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है।

– तीन वर्ष के अनुबंध की अवधि पूरी, कार्य धीमा
नगर निगम ने सीवरेज प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 10 अक्टूबर 2016 को दिल्ली की ठेका कंपनी केके स्पन के साथ अनुबंध किया था। शहर में सीवरेज का कार्य पूरा कराने के लिए 36 माह का समय दिया गया था। यह अवधि पूरी हो चुकी है, निर्माण की गति ऐसी है कि कार्य पूरा होने में अभी कई वर्ष का समय लग जाएगा। झिरिया मोहल्ले में १२ एमएलडी की एसटीपी पहले से बनी है उसमें केवल पाइपलाइन जोडऩा है लेकिन अब तक ठेका कंपनी ऐसा नहीं कर पाई है। शहर के कई हिस्सों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने को लेकर विवाद है, कुछ मामले तो कोर्ट तक भी पहुंच गए हैं।

– इन स्थानों पर बनाए जाने हैं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
शहर में बीहर नदी के किनारे झिरिया में पहले से ही दूसरी योजना के तहत १२ एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। इसके बाद अमृत योजना में सात नए स्थानों को चिन्हित किया गया है। जिसमें विवेकानंद नगर में 6.50 एमएलडी, बिछिया पुल के पास 6.50 एमएलडी, पद्मधर कालोनी के पास 6 एमएलडी, अजगरहा रोड 3 एमएलडी, उद्योगविहार एक एमएलडी, बनकुइयां रोड में एक एमएलडी, शार्कइन होटल के पास एक एमएलडी का बनाया जाना प्रस्तावित है। इनमें से भी कहीं पर भी कार्य की शुरुआत नहीं हो सकी है।

– कंपनी का सतना में कार्य रोका
ठेका कंपनी केके स्पन को ही सतना के नगर निगम क्षेत्र में भी सीवरेज का कार्य दिया गया है। अब तक टारगेट का महज दस फीसदी कार्य होने की वजह से नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की है और वहां के निगम आयुक्त को कार्य रोकने के लिए कहा है। जिसकी वजह से कंपनी का सतना में कार्य रोक दिया गया है। अब रीवा शहर के कार्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लगातार अधिकारियों द्वारा अल्टिमेटम दिए जा रहे हैं, कभी भी यहां पर भी कार्य पर रोक लगाई जा सकती है।
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फैक्ट फाइल
सीवरेज प्रोजेक्ट की लागत- 214.10 करोड़
सीवर लाइन की लंबाई-727
प्रोजेक्ट में चिन्हित मकान- 42933
कुल एसटीपी की संख्या- 08
एसटीपी की क्षमता- 37 एमएलडी


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सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्य में गति लाने के लिए कहा गया है। प्रशासक द्वारा भी कार्य तेज करने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं। इसकी समीक्षा करेंगे यदि मनमानी निर्माण पाया जाएगा तो आगे की कार्रवाई करेंगे।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम

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