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इस कोंग्रेसी विधायक ने कहा: रीवा जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को घुसने भी नहीं देंगे…

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा। मऊगंज को जिला बनाने के मुद्दे को कांग्रेस विधायक ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है। विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने दो-टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री यदि जिला बनाने में उनको बाधा मानते हैं तो वे मऊगंज को जिला बना दें तो मैं विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ूगा लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा को मऊगंज विधानसभा क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए वे लाठियां खाने और जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।

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विधायक ने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हजारों लोगों की उपस्थिति में मऊगंज को जिला बनाने की घोषणा की थी लेकिन पांच साल गुजर जाने बाद भी उन्होंने अपने इस वायदे पर अमल नहीं किया। जबकि निवाड़ी जैसे छोटे से नगर को जिला बना दिया है।

विधायक ने कहा कि जनता आखिर किसके ऊपर भरोसा करे, जब खुद सीएम यहां के लोगों के भरोसे को तोड़ रहे हैं। उन्होंने यह कहकर गेंद मुख्यमंत्री के पाले डाल दी है। अब देखना यह है कि चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए सीएम जन आशीर्वाद यात्रा लेकर जब मऊगंज पहुंचेंगे तो जनता को इस बार क्या दिलासा देते हैं। 

एनजीटी प्रतिबंधित एरिया में केंद्रीय गृहमंत्री के लोग चला रहे क्रशर प्लांट
मऊगंज और हनुमना में चल रही अवैध खदानों एवं क्रशर प्लांट को लेकर विधायक ने केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह एवं यूपी के सीएम अदित्यनाथ योगी एवं स्थानीय मंत्री राजेन्द्र शुक्ल पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने साफ कहा कि हमारे विधानसभा क्षेत्र में केन्द्रीय गृहमंत्री एवं यूपी के मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों एवं उनके नजदीकी लोगों को प्रदेश सरकार ने स्थानीय उद्योग मंत्री की शह पर रातोरात खदानें स्वीकृत कर दी है। विधायक ने कहा कि खदानें बंद होने से मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। क्रशर प्लांट चलाने वाले मशीन से खनन कर रहे हैं जिससे मजदूरों का रोजगार छिन रहा है। इसलिए खदानों का विरोध करने में हमारे हाथ बंधे हैं। क्रशर प्लांट के मालिक हर रोज एक हजार से ज्यादा ट्रक गिट्टी बाहर ले जा रहे हैं। कांग्रेस की सरकार बनी तो क्रशर प्लांटों को उखाड़े फेकेेंगे, क्योंकि इनसे मऊगंज और हनुमना के लोगों को केवल धूल और बीमारी मिल रही है।

विभाग खुद नहीं चाहता शराब की पैकारी रुके
जब उनसे पूछा गया कि मऊगंज क्षेत्र में सबसे अधिक अवैध रूप से शराब बिकने के मामले आ रहे हैं और कहा जा रहा है कि आपके द्वारा पैकारी करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है। इसके जबाव में विधायक ने कहा कि वे शराब कैसी होती है इसका स्वाद नहीं जानते। यह मुझे भी पता है कि ऐसे आरोप मेरे ऊपर लग रहे हैं, लेकिन इसमें मेरा कोई हाथ नहीं। संबधित विभाग खुद भी नहीं चाहता कि शराब की पैकारी बंद हो

सौ. पत्रिका, रीवा