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रीवा: किशोरी की अस्मत के साथ खिलवाड़! आरोपी महिला को 20 साल की कठोर सजा

रीवा

रीवा। नाबालिक लड़की की अस्मत से खिलवाड़ करने वाली सगी चाची को कठोर सजा से दंडित किया गया है। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक, (पास्को) रवीन्द्र सिंह द्वारा मामले में प्रस्तुत किये गये साक्ष्यो एवं प्रभावी तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय महिमा कछवाहा, विशेष न्यायाधीश पास्को ने आरोपिया मन्नू उपाध्याय पति अरूणेन्द्र उपाध्याय, उम्र 36 वर्ष निवासी लौर, थाना लौर को दोषी पाते हुए भा.दं.वि. की धारा 363 सहपठित धारा 109 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदण्ड एवं धारा-366, 366 क सहपठित धारा109 के तहत 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदण्ड एवं धारा-376 (2)(एन) सहपठित धारा-109 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 3000 रु. अर्थदण्ड एवं पास्को अधिनियम की धारा-6 के तहत 15 वर्ष के कठोर कारावास एवं 3000 रु. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया।

ज्ञात हो कि अभियुक्त सत्यप्रकाश फरार है, इसलिए उसके गिरतार होने पर उसका विचारण बाद में न्यायालय के समक्ष होगा। जारकारी के अनुसार 27 मार्च 2014 को फरियादी घर पर पीडि़ता व उसकी छोटी बहन को छोड़कर पत्नी तथा बाकी बच्चों के साथ खेत गया था। जब फरियादी 5.30-6.00 बजे शाम को घर वापस आया तो अभियोक्त्री घर पर नहीं मिली तो फरियादी ने अभियोक्त्री की छोटी बहन से पूछा कि अभियोक्त्री कहां है तो उसने बताया कि अभियोक्त्री खेत की तरफ डिबा लेकर शौंच के लिए गई थी, लेकिन वापस नहीं आयी। पता तलाश करने पर अभियोक्त्री का कुछ पता नहीं चला। फरियादी ने थाना-लौर में उक्त घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान पुलिस ने अभियोक्त्री को लगभग 6 माह बाद दस्तयाब किया।

अभियोक्त्री ने अपने बयान में बताया कि वह घटना दिनांक से लगभग दोढाई साल पूर्व अपनी बड़ी मां के लड़के की शादी में सुअरहा गांव गई थी, जहां पर उसकी मुलाकात फरार अभियुक्त सत्यप्रकाश से हुई। अभियुक्त सत्यप्रकाश अभियोक्त्री को आये दिन यह कहता था कि उसे पढऩे-लिखने की जरूरत नहीं है वो आराम से घर में रहे। उसके पास 20 एकड़ जमीन है 10 एकड़ बेंच देगा तो दोनों आराम से रहेंगे। अभियुक्त मन्नू उपाध्याय जो कि अभियोक्त्री की चाची है, अभियोक्त्री को फरार अभियुक्त सत्यप्रकाश से विवाह करने व उसके साथ चले जाने को कहती थी और ये भी कहती थी कि फरार अभियुक्त सत्यप्रकाश अच्छा लड़का है शादी कर लो।

घटना दिनांक को मन्नू उपाध्याय ने अभियोक्त्री को मोबाइल दिया औ बहला-फुसला कर अभियोक्त्री को अपने साथ लेकर आटो से मनगवंा पहुंचाया उसके बाद अभियोक्त्री मनंगवा से रीवा आयी। जहां उसे अभियुक्त सत्यप्रकाश मिला, जो अभियोक्त्री को लेकर जबलपुर गया। वहां पर किराये का कमरा लेकर अभियोक्त्री को अपनी पत्नी की तरह रखा और उस दौरान अभियोक्त्री से शारीरिक संबंध बनाये अभियोक्त्री के गर्भवती हो जाने पर गर्भपात कराया। अभियोक्त्री अपने घर वापस आना चाहती थी, लेकिन अभियुक्त मन्नू उपाध्याय फोन से अभियोक्त्री से यह कहती थी कि गांव वापस नहीं आना नहीं तो तुहारे मां-बाप तुहें परेशान करेंगें इस प्रकार अभियुक्त मन्नू उपाध्याय ने अभियोक्त्री को अभियुक्त सत्यप्रकाश के साथ भगाने में मदद किया। पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर अभियुक्त मन्नू उपाध्याय को गिरतार कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

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