सीईओ जिला पंचायत ने डी.पी.सी. रीवा को जारी किया नोटिस तीन दिवस में जवाब अन्यथा होगी कठोर दंडात्मक कार्यवाही : Rewa News

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नियमित विरुद्ध तरीके से सहायक अध्यापक को किया कार्यालय में अटैच

रीवा 10 फरवरी ।। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा अर्पित वर्मा ने जिला परियोजना समन्वयक सुधीर कुमार बाण्डा को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब चाहा है। नोटिस की खबर लगते ही शिक्षा विभाग के महकमे मे हडकंप मच गया है।

🇶🇦 सुधीर कुमार बाण्डा जो कि निपनियां के प्राचार्य भी है। जो भ्रष्टाचार के मामले में अपना अब्वल स्थान रखते है। जो अपनी राजनीतिक पहुंच का जुगाड़ लगा कर रीवा डीपीसी का पद भी हासिल किए है।

🇶🇦 पूर्व मे भी ये प्रोढ शिक्षा अधिकारी के पद पर रह चुके हैं जहां करोड़ों रुपए के झाँज, मँजीरा और हारमोनियम घोटाले से चलते पद से हटा दिया गया था जिसकी जांच आज भी राजधानी स्तर पर लंबित है।

🇶🇦 सरकार बदलते ही एक बार फिर से जुगाड़ लगाकर इन्होंने डीपीसी का पद हथिया लिया। पदभार ग्रहण करते ही महज एक सप्ताह के भीतर अपने चहेते सहायक अध्यापक शिवेश श्रीवास्तव को डीपीसी कार्यालय में अटैच कर दलाली करवाने के लिए सतर्कता एवं स्थापना जैसे महत्वपूर्ण शाखा का प्रभारी भी बना दिया। जबकि डीपीसी ऑफिस में भारी मात्रा में लिपिक पूर्व से पदस्थ है।

🇶🇦 जारी नोटिस में कहा गया है कि डीपीसी रीवा सुधीर बाण्डा विद्यालयों का छात्रावासो का निरीक्षण तो करते हैं लेकिन भारी भरकम राशि जहां से प्राप्त हो जाती है उसकी फाइल को चुपचाप दफन कर देते हैं। जहां से राशि नहीं मिलती है उसमे कार्यवाही के लिए नश्ती वरिष्ठ कार्यालय को भेजते है। 2019 मे वार्डन की पद पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था लेकिन आज दिनांक तक पद पूर्ति ना करते हुए पुराने बार्डन से ही साँठगाँठ कर यथावत कार्य करवाया जा रहा है।

🇶🇦 राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशों की अवहेलना करते हुए नये CAC और BAC की नियुक्ति न कर मनचाहे को कार्य करने की अनुमति एवं नियम विरुद्ध तरीके से सी.ए.सी की पदस्थापना की गई जबकि 10.12.19 तक नये सी.ए.सी की पदस्थापन सभी जन शिक्षा केंद्र में की जानी थी। काउंसलिंग हो चुकी है लेकिन लेनदेन की प्रकिया पूर्ण ना हो सकने के चलते सूची अभी तक लंबित है। जिन्हें CAC भी बनाया गया वह नियम विरुद्ध तरीके से पदस्थ है।

🇶🇦 सीईओ जिला पंचायत द्वारा जारी नोटिस मे इस बात का भी स्पष्टीकरण चाहा गया है कि रीवा ब्लाक के पूर्व BRCC प्रवेश तिवारी जिन्हें आर्थिक अनियमितता के चलते कलेक्टर रीवा ने पद से हटाया था और घोटाले की एफ.आई.आर.दर्ज करने के निर्देश दिए थे उन्हें नियमित विरुद्ध तरीके से सिरमौर brcc का प्रभार सौप दिया। जबकि सिरमौर में पदस्थ BRCC सुधीर साकेत द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर से स्थगन प्राप्त किया गया किंतु डी.पी.सी सुधीर बाण्डा ने कोई कार्यवाही नहीं की। प्रवेश तिवारी का आदेश निरस्त नहीं किया और न्यायालय के आदेश की अवहेलना की।

🇶🇦 शासन द्वारा शिक्षकों के शिक्षकों के सँलग्नीकरण पर प्रतिबंध के बावजूद संकुल निपनिया के सहायक अध्यापक शिवेश श्रीवास्तव को कार्यालय में अटैच किया गया जबकि उन्हें इस शर्त पर अनुमति दी गई थी कि वह अध्यापन कार्य के साथ-साथ कार्यालय में कार्य करेंगे। किंतु जब से आदेश हुआ उन्होंने अपने विद्यालय का मुंह नहीं देखा। भोपाल, दिल्ली, न्यायालय आदि सभी जगह वह.अधिकारियों के साथ जाते रहे। शैक्षणिक कार्य से पृथक रहते हुए भी बराबर बेतन मास्टरी का लेते रहे।

🇶🇦 सीईओ जिला पंचायत ने जारी नोटिस मे स्पष्ट किया है कि bpc रीवा अपने कर्तव्यों के प्रति घौर लापरवाह एवं पदीय दायित्वों के प्रति घोर उदासीन है। उनकी इस लापरवाही के चलते सर्व शिक्षा अभियान जैसे योजनाओं का शिक्षा विभाग प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा, शासकीय योजनाओं का सही ढंग कि्यान्वयन न होने से शिक्षा का स्तर दिनों दिन गिर रहा है। डीपीसी ने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की हमेशा अवहेलना की। मौखिक निर्देशों के बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया। सीईओ ने कार्यालयीन पत्र/DPC/SCN/2020/2 दिनांक 10-02-2020 जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया। जवाब समाधान कारक न पाए जाने पर विभागीय जांच संस्थित करते हुए सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अनुसार कार्यवाही करने का भी लेख किया ।

इस नोटिस से जहां शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि डीपीसी सुधीर कुमार बाण्डा काफी राजनीतिक पहुंच वाले हैं और इस तरह की नोटिस उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। अब देखना यह है कि इस पर किसकी जीत होती है।

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