रीवा सहित ये तीन संभाग बिगाड़ते है वोटो के समीकरण, इस वजह से लगातार 15 साल से हार रही कांग्रेस

मध्यप्रदेश रीवा

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही है। पार्टी ने ऐलान भी कर दिया है कि वह सर्वे के आधार पर टिकट देगी। इस बीच कांग्रेस ने एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें काफी अहम बातें सामने आई हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि 230 में से 70 सीटें ऐसी हैं, जिनमें क्षेत्रीय दलों की वजह से कांग्रेस को वोटों का नुकसान होता है। इनमें 31 सीटें ऐसी हैं, जहां लगातार पिछले 5 चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है।

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि तीन संभागों ग्वालियर, चंबल और रीवा में बसपा जीत के समीकरण बिगाड़ती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी से ऐसी रिपोर्ट मांगी थी कि कहां-कहां पर कांग्रेस कमजोर है, वजह क्या है, स्थिति सुधारने के लिए क्षेत्रीय दलों से कैसे समझौता किया जाए। यह रिपोर्ट भेज दी गई है। कांग्रेस के अध्ययन में सामने आया है कि क्षेत्रीय दलों के प्रभाव वाली करीब 70 सीटें हैं, जो विंध्य, बुंदेलखंड, चंबल-ग्वालियर और महाकौशल के कुछ क्षेत्र की हैं। रिपोर्ट में 2003, 2008 और 2013 में कांग्रेस पार्टी कहां कमजोर रही, जिससे उसे नुकसान हुआ, इसका भी ज़िक्र है।

बसपा से गठबंधन के संकेत

कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन की अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा ने 4 सीटें जीती थीं, लेकिन 11 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। कुल 38 ऐसी सीटें थीं, जिन पर बसपा तीसरे नंबर पर थी।