रीवा : नेशनल हाइवे के किनारे जमीन वालो के लिये खुशखबरी, अब इतनी हो गयी कीमत

रीवा

रीवा। केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड एवं महानिरीक्षक पंजीयन के नए उपबंध ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब नेशनल हाइवे, बाइपास या स्टेट हाइवे के किनारे की जमीनें तय दर से करीब 20 से 100 फीसदी ज्यादा महंगी बिकेंगी। इस उपबंध से सरकारी खजाना तो बढ़ेगा, लेकिन भूमाफियाओं को घाटा लगेगा। ज्ञात हो कि अध्यक्ष केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड एवं महानिरीक्षक पंजीयन ने जमीनों की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस गाइड लाइन में वार्ड और गांव की जमीनों की नई दरें तो लागू कर दी गई हैं, लेकिन कुछ उपबंध भी लगाए गए हैं। इसमें व्यावसायिक, भूखंड, डायवर्टेड और बहुमंजिला इमारतों के लिए अलग अलग नियम बनाए गए हैं।

ऐसे ही नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और बाइपास के किनारे की जमीनों को सामान्य दर से कई गुना ज्यादा महंगा कर दिया गया है। उपबंध से बिना बढ़ाए ही जमीनों की कीमत दोगुना तक बढ़ा दी गई हंै। नए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा उनके बाइपास पर स्थित भूखंड का मूल्य भूखंड के सामान्य मूल्य से 100 फीसदी अधिक लिया जाएगा। इसके अलावा राज्यमार्ग अथवा उसके बाइपास पर स्थित भूखंड का मूल्य, भूखंड के सामान्य मूल्य से 50 फीसदी अधिक जोड़ा जाएगा। मुय जिला मार्ग अथवा अन्य जिला मार्ग पर स्थित भूखंड का मूल्य भी 20 फीसदी तक बढ़ाया गया है। इसके अलावा यदि जमीन कार्नर की है तो उसकी कीमत सामान्य से 10 फीसदी महंगी होगी। भूखंड में नींव भरी होने पर निर्धारित मूल्य से 10 प्रतिशत अधिक मूल्य मान्य किया जाएगा। यदि ऐसा भूखंड कार्नर पर स्थित है तो निर्धारित मूल्य से 20 फीसदी अधिक मूल्य मान्य किया जाएगा।