रीवा एसपी को आया गुस्सा और कर दिया आरक्षक को निलंबित, जानिये पूरा मामला

रीवा

रीवा. एक दिन पूर्व आरक्षक की हरकत से मचे बवाल को लेकर अधिकारी सख्त हो गए है। पूरे मामले की जांच के आदेश जारी जाए किए है। वहीं प्रथम दृष्ट्यिा आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक ओमप्रकाश परमार उर्फ भिंडी गुरुवार को प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर बैकुंठपुर में दुकान संचालित करने वाले मोनू साकेत को पकड़ने गया था।

उसकी दुकान के पास पहुंचकर आरक्षक के साथ मौजूद लोग गाड़ी से उतरे और युवक के साथ मारपीट कर जबरदस्ती उसे गाड़ी में डाल लिया। इस दौरान आरक्षक छूट गया जो स्थानीय लोगों के हत्थे चढ़ गया। सिविल ड्रेस में मौजूद आरक्षक की लोगों ने जमकर धुनाई की। आरक्षक ने बाद में थाने पहुंचकर शरण ली।

मामले को लेकर आरक्षक की प्रथम दृष्ट्या लापरवाही सामने आई है। उक्त आरक्षक के साथ न तो संबंधित थाने की पुलिस थी और न ही उसने बैकुंठपुर थाने को ही सूचना दी थी। आरक्षक स्वयं लोगों को लेकर आरोपी को पकडऩे पहुंच गया था। आरक्षक की इस लापरवाही से पुलिस को घंटों परेशान होना पड़ा। यहां तक कि परिजनों की शिकायत पर अपहरण का प्वाइंट भी चलाना पड़ा। आरक्षक की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए है।

यह है मामला

समान थानाक्षेत्र में एक ऑटो के पहिये चोरी हो गए। वाहन मालिक ने आरोपी का पता लगा लिया और संबंधित थाने को सूचना देने के बजाय आरक्षक को सारी जानकारी दी। आरक्षक वाहन मालिक व उसके आदमियों को लेकर आरोपी को पकडऩे पहुंच गया। हैरानी की बात तो यह है कि इसके लिए समान पुलिस ने उसको अधिकृत नहीं कियाथा।

आरक्षक अनाधिकृत रूप से बैकुंठपुर में आरोपी को पकडऩे गया था जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। प्रथम दृष्ट्या आरक्षक की लापरवाही सामने आने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
आशुतोष गुप्ता, एएसपी रीवा