रीवा: शासन ने की नया कॉलेज खोलने की घोषणा, ख़ुशी की जगह विरोध में उतरें युवक, जानिए कारण…

रीवा

रीवा। जिले के नष्टिगवां में खोले जा रहे शासकीय महाविद्यालय को डभौरा या फिर आस-पास के गांव में स्थानांतरित किया जाए। जिससे छात्र-छात्राओं को प्रवेश लेकर पढ़ाई करने में आसानी हो। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यह मांग ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री से की है।

छात्र-छात्राओं के लिए नहीं है सुरक्षित
एबीवीपी के जिला संयोजक विवेक पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए छात्रों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि नष्टिगवां में महाविद्यालय स्थापित करने के लिए वहां स्थापित आदिवासियों को विस्थापित करना होगा। यह उनके आक्रोश की वजह बन सकता है। इसके अलावा नष्टिगवां निर्जन में होने के चलते छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित भी नहीं है। क्योंकि वहां से थाना और पुलिस चौकी भी दूर है।

छात्रों ने ज्ञापन के जरिए दिया यह तर्क
छात्रों का तर्क है कि गांव के लिए आवागमन की सुविधा भी नहीं है। इसलिए महाविद्यालय डभौरा या उसके आस-पास के गांव में खोलना छात्र-छात्राओं के लिए हितकर व सुरक्षित होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला संयोजक के अलावा सह संयोजक भास्कर मिश्रा, अवेध प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष दीपाली शुक्ला, उपाध्यक्ष वेदवती तिवारी, गुरुदत्त तिवारी, अजय, अर्जुन, सिद्धार्थ तिवारी, मॉडल साइंस कॉलेज के छात्रसंघ सचिव अंकित तिवारी, नगर सह मंत्री विवेक पटेल व आशीष तिवारी सहित अन्य छात्र व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शासन ने शुरू किया है नया महाविद्यालय
गौरतलब है कि शासन स्तर से नष्टिगवां में एक नया महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के साथ प्राचार्य व प्राध्यापकों के पद भी स्वीकृत कर दिए गए हैं। इतना कुछ होने के बावजूद अब नए कॉलेज को नष्टिगवां में खोले जाने का विरोध शुरू हो गया है। कॉलेज डभौरा या उसके आस-पास खोले जाने की मांग की जा रही है। इसके लिए क्षेत्रीय लोगों ने बाजार बंदी से लेकर विरोध में अन्य कई आंदोलन शुरू कर दिया है।