रीवा: सिरमौर नप चुनाव स्थगित, हाई कोर्ट ने मामले पर सरकार से माँगा स्पष्टीकरण

रीवा: सिरमौर नप चुनाव स्थगित, हाई कोर्ट ने मामले पर सरकार से माँगा स्पष्टीकरण

रीवा

हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए सरकार से किया जवाब-तलब

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने रीवा जिले की सिरमौर नगर परिषद की अध्यक्ष शांति चौरसिया के खिलाफ राइट टू रिकॉल के तहत 13 पार्षदों की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर तीन अगस्त को होने वाले मतदान को स्थगित कर दिया है। जस्टिस जेके महेश्वरी की एकलपीठ ने रीवा कलेक्टर से मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। अगली सुनवाई 27 अगस्त तय की गई है।

यह है मामला
चौरसिया की ओर से याचिका दायर कर कहा गया है कि 25 अक्टूबर 2017 को 13 पार्षदों ने उनके खिलाफ राइट टू रिकॉल का प्रयोग करते हुए नगर पालिक अधिनियम 1961 की धारा 47 के अंतर्गत प्रस्ताव लाया। इस प्रस्ताव को कलेक्टर ने मंजूर कर नौ जनवरी 2018 को राज्य सरकार को भेजा। सरकार ने इसे कलेक्टर को यह कहते हुए वापस लौटा दिया कि सम्बंधित पार्षदों के शपथपत्र व हस्ताक्षरों का सत्यापन कर पुन: प्रस्ताव भेजा जाए। कलेक्टर ने 19 जनवरी 2018 को पुन: यह प्रस्ताव सरकार को भेज दिया। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर याचिकाकर्ता के खिलाफ राइट टू रिकॉल के लिए मतदान की तारीख तीन अगस्त तय कर दी।

तीन चौथाई पार्षदों का होना समर्थन
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनीष चौबे ने तर्क दिया कि धारा 47 ( 2) के तहत यह प्रस्ताव कलेक्टर तभी अनुमोदित कर सकता है, जबकि तीन चौथाई निर्वाचित पार्षदों ने इसके लिए हस्ताक्षरयुक्त शपथपत्र पर आवेदन दिया हो। उन्होंने कलेक्टर के उक्त आदेश को अनुचित बताते हुए निरस्त करने की मांग की। चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने का हवाला देते हुए स्थगन न देने का तर्क रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि धारा 47 (2 ) की प्रक्रिया के सम्बंध में कलेक्टर का स्पष्टीकरण इस मामले में जरूरी है। लिहाजा कलेक्टर को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत तब तक तीन अगस्त को होने वाले मतदान पर रोक लगा दी।