रीवा: कलेक्टर ने ट्रेनी पुलिसकर्मियों को दी क़ानून की ट्रेनिंग, कहा: डरकर नहीं, डटकर करें नौकरी

रीवा: कलेक्टर ने ट्रेनी पुलिसकर्मियों को दी क़ानून की ट्रेनिंग, कहा: डरकर नहीं, डटकर करें नौकरी

रीवा

कलेक्ट्रेट की गतिविधियों से रूबरू हुए पुलिस जवान, कलेक्टर ने पढ़ाया कानून का पाठ

रीवा. पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से सैकड़ों की संख्या में ट्रेनी पुलिस के जवान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। कार्यालय की अलग-अलग गतिविधियों से परिचित हुए। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को लोगों की समस्याएं सुनते हुए भी देखा। कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक से रूबरू होने के बाद ट्रेनी पुलिसकर्मियों में अलग उत्साह और ऊर्जा दिखाई दी। वहीं कलेक्टर श्रीमती नायक भी इन ट्रेनी जवानों के साथ खुश नज़र आईं, उनके द्वारा जवानों को कानून के कई गुर सिखाए गए। कलेक्टर ने जवानों को डरकर नहीं, डटकर नौकरी करने की सलाह दी।

कलेक्टर ने दिया सवाल पूंछने का मौका 

जनसुनवाई के बाद कलेक्टर ने ट्रेनी पुलिस जवानों से कहा, किसी के मन में कोई सवाल हो तो पूछ सकते हैं। कुछ जवान इधर-उधर देखने लगे। एक जवान ने प्रतिबंधात्मक और धारा 144 के बारे में पूछा। कलेक्टर सवाल का जवाब देते हुए फिर से सवाल किया कि पब्लिक न्यूसेंस में कौन सी धारा का उपयोग होता है। कोई जवाब नहीं दे पाया। कलेक्टर ने कहा मजिस्ट्रेट को कर्फ्यू और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का पावर है।

धारा-144 समेत कई धाराओं की दी जानकारी
कलेक्टर ने धारा-144 सहित अन्य धाराओं के उपयोग की जानकारी दी। कहा कि जमीनी विवाद में 145, सरकारी जमीन में 147 और अशांति की सूचना पर मजिस्ट्रेट धारा 144 का लागू करता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने कुछ धाराओं में संशोधन किया है।

कानून का सख्ती से पालन करने दी समझाइस
ज्यादातर धाराएं अंग्रेजों के जमाने की हैं, कानून का सख्ती से पालन करें, इमानदारी के साथ काम करने वाले कर्मचारी को डर नहीं लगात है। उन्होंने महिला सिपाहियों को कहा कि कार्यालय में अटैच कराने के लिए नौकरी मत करना। कलेक्टर ने महिला एसआई प्रियंका पाठक की चर्चा करते हुए कहा कि महिला सिपाही डरें नहीं, ग्रामीण क्षेत्र में इमानदारी से काम करें और दबंगई से नौकरी करें। इस दौरान कलेक्टर ने कानून व्यवस्था का पाठ भी पढ़ाया।

तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक देखी गतिविधियां
पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के रंगरूठ तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक की गतिविधियों से रूबरू हुुए। इस दौरान उन्हें कानून के साथ ही लोगों की समस्याएं सुनने की पद्धिति की बारीकियां बताई गईं। करीब दस दिन तक रंगरूठों को अलग-अलग कार्योलयों की गतिविधियों से परिचय कराया गया और योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी दी गई। अंतिम दिन कलेक्टर ने उन्हें कानून की जानकारी के साथ ही कई धाराओं को समझाया भी।