रीवा में पति को बता दिया पिता, 9 हजार महिलाए परेशान, जानिए क्‍या है मामला

रीवा में पति को बता दिया पिता, 9 हजार महिलाए परेशान, जानिए क्‍या है मामला

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अन्य जिलों की तरह रीवा जिले के निर्वाचन शाखा में भी वोटरों के सत्यापन का कार्य भी तेजी से शुरू किया जा चुका है। एक ओर जहां नए मतदाताओं को जोड़ने की होड़ मची हुई तो वहीं पुराने मतदाताओं का सत्यापन कार्य किया जा रहा है। इन सबके बीच जो बात निकलकर आई वह रिश्तों की है। सर्वाधिक गड़बड़ी महिला वोटरों के साथ देखने को मिल रही हैं जहां रिश्तों को ताक पर रख दिया गया है।

पिता का नाम पति के स्थान पर पति का नाम पिता के स्थान पर दर्ज देखा जा रहा है। हालांकि निर्वाचन शाखा की देखरेख कर रहे रीवा एडीएम ने महिला मतदताओं का सत्यापन के साथ ही रिश्तों को सुधारने का निर्देश जारी कर दिया है। इसके लिए बीएलओ, संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए जा चुके हैं। उक्त निर्वाचन नामावली के प्रकाशन के पूर्व यह गड़बड़ियां सुधार की जानी है। जिसे लेकर निर्वाचन शाखा दिन-रात मेहनत कर रही है। आलम यह है कि लगातार एडीएम निर्वाचन शाखा में बैठकर इस तरह के निर्वाचन की शिकायतों का निराकरण कर रहे हैं।

विधानसभावार स्थिति

रीवा जिले में 8 विधानसभा होने के कारण जिला निर्वाचन कार्यालय में मतदाता नामावली पर विशेष काम किया जा रहा है। अगर बात करें तो सेमरिया, सिरमौर, त्योंथर, देवतालाब, मऊगंज, मनगवां, रीवा, गुढ़ विधानसभा में 9 हजार से अधिक ऐसी महिला मतदाताओं को चिंहित किया गया है जिनके वोटर आईडी में रिश्तों को लेकर समस्या है। इनमें कई ऐसी महिलाओं को भी चिंहित किया गया है जो कि एक ही जिले में दो विधानसभाओं में मतदाता हैं।

दो विधानसभा में मतदाता

विवाह के बाद ऐसे कुल 2600 से अधिक मतदाता है जो कि 2 विधानसभाओं में वोटर हैं। लिहाजा बीएलओ के माध्यम से यह तय किया जा रहा है कि उनका नाम किस विधानसभा में होना चाहिए। नाम जोड़ने व काटने की प्रक्रिया भी तेज की गई है। इन मतदाताओं में फीमेल की संख्या ज्यादा है। चूंकि पहले वह पिता के घर से वोटर की भूमिका निभाती रही है अब विवाह के बाद पति के घर से भी वह मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा चुकी हैं।

8 में 28 हजार

अब तक जिला निर्वाचन शाखा में मृतक शिफ्ट व डी डुप्लीकेट के तहत 8 विधानसभा से कुल 28 हजार 780 मतदाताओं का नाम हटाया जा चुका है। इनमें जहां मृतक मतदाताओं का नाम शामिल है तो वहीं विवाह के बाद दूसरी विधानसभा में वोटर होने पर शिफ्ट वोटर का दर्जा प्राप्त करने वाले मतदताओं को भी शामिल किया गया है। तकनीकी त्रुटि से भी एक ही मतदाता सूची में शामिल डी डुप्लीकेट मतदाताओं को भी अलग किया गया है।

पति-पिता में सर्वाधिक समस्या

जिला निर्वाचन कार्यालय में बीएलओ का काम सम्हालने वाले शिक्षकों का कहना है कि सर्वाधिक समस्या पिता व पति शब्द पर है। कई बार सुधरवाने के बाद भी साफ्टवेयर आसानी से पिता शब्द ले लेता है। लिहाजा पति के होने के बावजूद वोटर आईडी में महिला वोटरों के आगे पिता शब्द देखा जा रहा है जिसे सुधारने की प्रक्रिया भी की जा रही है।

इसलिए बढ़ा काम

निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी में बताया गया है कि अब मप्र सरकार द्वारा मतदाता पहचान पत्र कलर्ड होने के साथ ही स्मार्टकार्ड में दिया जा रहा है। लिहाजा जिन मतदाताओं का पहले से ही वोटर आईडी बनी है वह भी चलान जमाकर नए स्मार्टकार्ड के रूप में अपना मतदाता पहचान पत्र बनवाना चाह रहे हैं। लिहाजा मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए आवेदनों की संख्या तकरीबन 34 हजार पहुंच चुकी है।

रिलेशन को लेकर कुछ समस्या थी, जिसका सत्यापन कराया जा रहा है। 2018 में होने वाले आम चुनाव के लिए निर्वाचन में तेजी से काम हो रहा है। नामावाली को क्रास चेक करने के साथ ही प्रकाशन की प्रक्रिया तक पहुंचाने के लिए काम हो रहा है। –व्हीके पाण्डेय, एडीएम, रीवा।