रीवा: अपने थाने की भी सुरक्षा नहीं कर पाई पुलिस, नाक के नीचे से हो गई स्टेशन में चोरी

रीवा: अपने थाने की भी सुरक्षा नहीं कर पाई पुलिस, नाक के नीचे से हो गई जीप स्टेशन से चोरी

रीवा

चोरहटा पुलिस ने करहिया मंडी से बरामद की थी संदिग्ध जीप, जो थाना से पार कर दी गई


रीवा. अपराधों को रोकने का दम भरने वाली पुलिस खुद अपने थाने की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। पुलिस ने जिस संदिग्ध जीप को जब्त कर थाने में खड़ा कराया था उसे चोरों ने थाना परिसर से उड़ाकर सनसनी फैला दी। घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में पुलिसकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हासिल जानकारी के अनुसार चोरहटा पुलिस ने 4 जुलाई को करहिया मंडी के समीप स्थित निर्माणाधीन मकान की बाऊंड्री के अंदर उक्त संदिग्ध जीप को बरामद किया था। जीप में नम्बर संदिग्ध था जिसे पुलिस थाने ले उठा लाई थी।

जीप को थाना परिसर में खड़ा कराया था

जीप को पुलिस ने जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया था। 5 जुलाई की रात को जीप परिसर के अंदर ही खड़ी हुई थी। देर रात शातिर चोर थाने के अंदर से उक्त जीप लेकर चंपत हो गये। हैरानी की बात तो यह है कि थाने में ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों को इसकी भनक भी नहीं लग पाई और बड़े अराम से चोर गाड़ी लेकर चंपत हो गये। घटना की जानकारी 6 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे थाने में पदस्थ स्टाफ को लगी तो हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस उक्त जीप की तलाश में निकल पड़ी। काफी प्रयास के बाद भी जीप का पता नहीं चल पाया। थाने से गाड़ी उड़ाकर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। फिलहाल पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस थाने के सीसी टीवी फुटेज को भी खंगालने में लगी हुई है।

सिविल लाइन पुलिस ने दी थी सूचना
उक्त जीप की सूचना सिविल लाइन पुलिस ने दी थी। सिविल लाइन थाने के ढेकहा मोहल्ले से दो ठेले चोरी हुए थे जो उक्त मकान के अंदर बरामद हुए थे। वहीं यह जीप भी खड़ी हुई थी जिसका नम्बर संदिग्ध होने पर सिविल लाइन पुलिस ने इसकी सूचना चोरहटा पुलिस को दे दी। चेारहटा पुलिस ने गाड़ी को सुरक्षारार्थ थाने में खड़ा करा दिया था जिसे चोर लेकर चंपत हो गये।

संदिग्ध था गाड़ी में नम्बर
उक्त गाड़ी में नम्बर भी संदिग्ध था। बदमाशों ने गाड़ी के आगे और पीछे अलग-अलग लगा रखा था। गाड़ी के आगे एमपी 19 टी 3392 दर्ज था जबकि पीछे एमपी 17 टी 3392 लिखा हुआ था। पुलिस ने इस नम्बर को ट्रेस कर संबंधित व्यक्ति को फोन लगाया तो उसने बाहर होने की जानकारी दी थी और वापस आकर कागज लेकर उपस्थित होने का आश्वासन दिया था लेकिन उससे पहले ही गाड़ी चोरी हो गई।

किसी गंभीर अपराध में हुई थी इस्तमाल
आशंका जताई जा रही है कि उक्त जीप किसी गंभीर अपराध में इस्तमाल हुई थी। बदमाशों को इस बात का भय था कि यदि गाड़ी की पुलिस जांच करेगी तो उनका अपराध सामने आ जायेगा। इसलिए बदमाशों ने इतना बड़ा खतरा मोल लेकर थाना परिसर के अंदर गाड़ी उड़ा दी। जब तक आरोपी नहीं मिलेंगे तब तक उसका रहस्य भी सामने नहीं आ पायेगा।