पुलिस कर्मचारियों के हितो के सुरक्षा के लिये थर्ड आई फार जस्टिस संगठन ने कमिश्नर रीवा को सौंपा ज्ञापन

रीवा

रीवा | थर्ड आई फार जस्टिस संगठन रीवा के अध्यक्ष अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार (शेरा सिंह) मध्यप्रदेश पुलिस कर्मचारियों के हक के समर्थन में मुख्यमंत्री को सम्बोधित मांग पत्र आयुक्त रीवा को विशाल वाहन रैली निकाल कर सौंपा। अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार ने बताया कि म0प्र0 में लगातार महिला अत्याचार, हत्या व अन्य आपराधिक घटनायें लगातार बढ़ रही है जिस पर पुलिस का नियंत्रण नही रह गया है, पुलिस अधिकारियों से व सरकार से पूछे जाने पर यह कहा जाता है कि पुलिस बल की कमी है इस कारण अपराध को रोका जाना सम्भव नही है।

इस संबंध में संगठन द्वारा यह मांग की गई कि :-

1. म0प्र0 आवश्यक पुलिस बल की कमी है मौजूदा पुलिस बल शासन व्यवस्था व न्याय व्यवस्था को बनाये रखने के लिये पर्याप्त नही है। जिस कारण सम्पूर्ण आम जन असुरक्षित महसूस कर रहा है। इसके निदान के लिये पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराया जाय।

2. मौजूदा पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण शासन द्वारा पुलिस कर्मचारियों से 24-24 घण्टे ड्यूटी ली जाती है जिस कारण पुलिस के कर्मचारी मानसिक अवसाद में जा रहे है। जिसके परिणाम यह सामने आ रहे है कि आम जन मानस के प्रति पुलिस कर्मचारियों का व्यवहार संवेदनहीन है। इस संबंध में मौजूदा पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी प्रत्येक दिवस में 8 घण्टे निर्धारित की जाय।

3. मौजूदा पुलिस बल में पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी के मुताबिक वेतन सरकार द्वारा मुहैया नही कराया जाता जबकि उत्तरप्रदेश व अन्य प्रदेशो में पे-ग्रेड म0प्र0 की अपेक्षा अधिक है जिसको म0प्र0 में भी लागू किया जाय। जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती प्रदान होगी व भ्रष्टाचार में कमी आयेगी।

4. म0प्र0 पुलिस में जो पुलिस कर्मचारियों ने लम्बे समय से पुलिस विभाग में सेवा दी है व जिनकी नियुक्ति नई है वह समाज में अपने जीवन दाव में लगा कर आम जन मानस की सुरक्षा प्रदान करते है किन्तु पुलिस कर्मचारियों के सेवा निवृत्त के पश्चात् पेंशन लागू न होने के कारण पुलिस कर्मचारियों में असुरक्षा पैदा हो रही है। जिस संबंध में पुरानी फैमली पेंशन प्लान लागू करने की मांग की गई है।

5. पुलिस कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन आवश्यक अवकाश प्रदान किया जाय व अन्य आवश्यक समयों पर अवकाश स्वीकृत हो जिससे पुलिस कर्मचारी मानसिक व शारीरिक मजबूती से आम जन की सेवा कर सके।

6. पुलिस कर्मचारियों को भी मानवा अधिकार प्रदान किये जाये।

7. पुलिस कर्मचारियों के विरूद्ध की गई शिकायतो में न्यायालय में लम्बित अवधि में सेवा से पृथक न किया जाय। व पुलिस कर्मचारियों के विरूद्ध की गई शिकायत में जॉच पूरी हुये बिना दण्डित न किया जाय। एवं दण्ड स्वरूप सेवा से पृथक किये जाने का दण्ड अत्यंत गम्भीर अपराधो के अतिरिक्त न दिया जाय।

8. प्रत्येक पुलिस कालोनियों में कान्वेन्ट स्कूल, व अस्पताल खोली जाय तथा सभी पुलिस थानो में पुलिस कर्मचारियों के भोजन हेतु मेस खोला जाय।

9. पुलिस कर्मचारियों को पौष्टिक आहार भत्ता माकान भत्ता परिवहन भत्ता जो न्यूनतम मिलता है उसको अन्य प्रदेशो की तरह अधिकतम किया जाय।

10. आई.पी.एस. एसोसियेशन की तरह पुलिस कर्मचारियों को भी अपने संगठन निर्माण की अनुमति प्रदान की जाय।
उक्त संबंध में आयुक्त महोदय को बताते हुये यूथ विंग के अध्यक्ष विनय सिंह बघेल व अनूप सिंह बघेल ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों को समस्त सुविधायें मिलने के पश्चात् यदि पुलिस कर्मचारी ड्यूटी में अनियमितता बरता है व आम जन के प्रति संवेदनशील नही है तो उसके खिलाफ कार्यवाही हो किन्तु शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान पुलिस कर्मचारी कैसे देश भक्ती व जन सेवा बिना भय के कर सकता है। हमने कई बार पुलिस के विरोध में आन्दोलन किये। किन्तु हमारा दायित्व है कि पुलिस की परेशानियों के संबंध में भी खड़े हो थर्ड आई फार जस्टिस संगठन की ओर से अमित सिंह, शिवराज सिंह, रवि सिंह, यशवंत सिंह, विजय सिंह, प्रशांत साकेत, प्रबल सिंह, सन्नी खान, नितिन सिंह, अंकित सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं संगठन के समर्थन में ब्राम्हण संगठन की ओर से राजीव शुक्ला युवा एकता परिषद की ओर से नरेन्द्र द्विवेदी दादू, पं. सचिन शर्मा,मानवा अधिकार आयोग से आलोक सिंह, रायल राजपूत संगठन से अंकित सिंह, अजय सिंह कर्चुली, हिन्दू क्षत्रीय वाहिनी से राष्ट्रीय अध्यक्ष तरूणेन्द्र सिंह गहेरवार, पिंकू सिंह, राहुल सिंह सेंगर, संदीप सिंह, अजीत सिंह, करणी सेना से जिलाध्यक्ष विनीत सिंह गहरवार, सामाजिक संगठन से अमित द्विवेदी, संजू, प्रत्यूल, ज्ञानी, आम आदमी पार्टी से प्रमोद शर्मा, रवि मिश्रा, एन.एस.यू.आई. से सिद्धार्थ सिंह, अरशद खान, बहुजन समाज पार्टी से राहुल साकेत, पंकज पटेल ने रैली में उपस्थित होकर अपने संगठन व दल की ओर से पुलिस की हक की लड़ाई का समर्थन किया। और यह मांग की कि पुलिस कर्मचारी अनुशासन में रह कर अपने अधिकारियों के निर्देशो का पालन करेगे व उनकी जायज मांगो को पूरी कराने के लिये समस्त संगठन पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन व आन्दोलन करेगा।