रीवा लोकायुक्त पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जिला शिक्षा अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा

रीवा लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, जिला शिक्षा अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा

मध्यप्रदेश रीवा सीधी

सीधी। जिला शिक्षा अधिकारी को लोकायुक्त टीम ने सात हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रेप किया है। मान्यता बहाली के लिए डीईओ ने विद्यालय संचालक से रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त टीम द्वारा सुबह घर में दबिश देकर पकड़ा गया और कार्रवाही के पश्चात मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया गया। डीईओ पारसनाथ शुक्ल पांच माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। लोकायुक्त की कार्रवाई सुबह से दोपहर 2 बजे तक चली।

जानकारी के अनुसार ग्राम सेमरिया में संचालित पब्लिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय के संचालक रामजी शुक्ल ने गत दिवस लोकायुक्त रीवा को शिकायत की थी कि स्कूल की मान्यता बहाली के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 12 हजार रुपए की मांग की जा रही है। फरियादी दो-दो हजार की दो किस्त पहले दे चुका था। आज शुक्रवार को तीसरी किस्त 5 हजार रुपए दिए गए जिस पर ट्रेप की कार्रवाही की गई है। रिश्वत मांगने की शिकायत एक ही निजी स्कूल की हुई थी, लेकिन कार्रवाही के दौरान नागेन्द्र गोस्वामी स्कूल संचालक ज्ञान शिक्षा एकेडमी बढ़ौरा की मान्यता बहाल करने के लिए दो हजार रुपए रिश्वत लिए जाने पर भी कार्रवाही की गई है। डीईओ पारसनाथ शुक्ला पर रिश्वत ट्रेप करने का दो मामले पंजीबद्ध किए गए हैं।


इनका कहना है
डीईओ पारसनाथ शुक्ल द्वारा स्कूल की मान्यता बहाल करने के एवज में रिश्वत की मांग स्कूल संचालक से की जा रही थी। शुक्रवार को दो अलग-अलग मामले में पांच हजार और दो हजार रिश्वत लेते ट्रेप किया गया है।
देवेश पाठक, डीसपी, लोकायुक्त पुलिस रीवा

मेरे द्वारा किसी स्कूल संचालक से स्कूल की मान्यता बहाल को लेकर पैसा नही मांगा गया था। शुक्रवार की सुबह रामजी शुक्ला और नागेन्द्र गोस्वामी द्वारा सुनियोजित तरीके से पैसा लेकर मेरे घर आए और पैसा देने लगे। मेरे द्वारा पैसा लेने से मना कर दिया गया तो जबरन टेबल के उपर पैसा फेक कर चले गए।  
पारसनाथ शुक्ल, जिला शिक्षा अधिकारी, सीधी।