आज और कल इंदौर से रीवा आएगी ट्रेन, सिर्फ इन्हे ही लाया जाएगा

रीवा : ट्रेन में लागू हुई नयी व्यवस्था, ये खबर आपके लिये है, जरूर पढ़िये

रीवा

रीवा। ट्रेनों में वातानुकूलित कोच में सफर के दौरान अब फेस टॉवेल नहीं मिलेगी। इसके स्थान पर रेलवे अब यात्रियों को डिस्पोजल टॉवेल प्रदान करेगा। यह नई पहल ट्रेनों में २८ जून से लागू हो गई है। रेल में वातानुकूलित टे्रनों के कोंचों में बेडरोल के साथ जो फेस टॉवेल दी जाती थी अब उसके स्थान पर ईको फ्रेंडली डिस्पोजल टॉवेल (नेपकिन्स) यात्रियों को दी जाएगी। लंबी अवधि तक यात्रा करने पर यात्रियों को आवश्यकता अनुसार दो डिस्पोजल नेपकिन्स दी जाएगी। रेलवे बोर्ड द्वारा इस संबंध में सभी क्षेत्रीय रेलवे में 26 जून को ही निर्देश जारी कर दिए हैं। पूर्व में पश्चिम रेलवे द्वारा पायलट के तौर पर डिस्पोजल टॉवेल दी जा रही थी जिसकी सफलता पर भारतीय रेलवे ने नई व्यवस्था लागू की है। वातानुकूलित कोचों में यात्रियों को यात्रा के दौरान बेडरोल के साथ एक टॉवेल दी जाती है। जो यात्रा के उपरांत कोच अटेंडेन्ट को वापस करनी होती है। अब डिस्पोजल टॉवेल को उपयोग करने के बाद वापस नहीं करना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने दिए जाने वाले डिस्पोजल टावेल के तकनीकी मापदंड भी निर्धारित किये हैं।

इस डिस्पोजल टॉवेल में कम से कम 50 प्रतिशत काटन मिक्स होगा। इसका वनज 50 ग्राम या अधिक होगा और मोटाई 40 एम एम से अधिक होगी। इस डिस्पोजल टॉवल की पानी सोखने की क्षमता 7 गुनी या इससे अधिक होगी।\r\nदूर होगी यात्रियों की शिकायत ट्रेनों में अधिकांश यात्रियों को द्वारा गंदे टॉवेल की शिकायत की जाती है। इन शिकायतों को देखते हुए रेलवे ने यह बढ़ा बदलाव किया। अब यात्रियों को नए टॉबेल मिलेंगे, जिसमें संक्रमण का खतरा बहुत कम होगा।\r\nट्रेनों में भीड़ लगाए अतिरिक्त कोच इन दिनों में ट्रेनों में भीड़ चल रही है। इसके कारण यात्रियों को टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। इसके लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने शटल एवं रेवांचल एक्सपे्रस में दो गाडिय़ों को एक -एक अतिरिक्त कोच लगा रहा है। ग्रीष्म कालीन गाडिय़ों के बंद होने से यात्रियों को मुश्किल ओर बढ़ गई है।\