रीवा पॉलिटिक्स

कांग्रेसी ‘अभय’ के खिलाफ ‘युवक कांग्रेस’ ने ही खोल दिया मोर्चा

रीवा

रीवा। वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी के साथ रहने वाले अभय ने मार्च में पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी, रीवा कांग्रेस अभय की एंट्री पचा नही पा रही है और अब कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अभय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इन दिनों सोशल मीडिया में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता अभय मिश्रा के खिलाफ मोर्चा चल रहा है, हैरानी की बात तो यह है कि मोर्चा भाजपाई नहीं बल्कि युवक कांग्रेस के नेताओं द्वारा चलाया जा रहा है। युकां बिना नाम लिए सोशल मीडिया में पोस्ट कर अभय का विरोध कर रही है। युकां ही नही बल्कि अधिकांश कांग्रेसी कार्यकर्ता भी अभय को कांग्रेस में पचा नहीं पा रहे हैं। वहीं कुछ लोग अभय के कांग्रेस में आने से खुशी भी व्यक्त कर रहे हैं, जिनका मानना है स्व. श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के बाद रीवा कांग्रेस में कोई दमदार नेता ही नही बचा, अभय के आने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।

परन्तु कांग्रेसजन जिनका यह मानना है कि स्व0 श्रीनिवास तिवारी के बाद कांग्रेस में कोई नेता ही नहीं है, वे शायद कांग्रेस के नेता सुंदरलाल तिवारी, इंजी. राजेन्द्र शर्मा, कविता पाण्डेय जैसे दिग्गज नेताओं को अभय से कम आंकते हैं।

वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अभय से कहीं अधिक प्रतिष्ठित और दमदार नेता रीवा कांग्रेस में हैं, अगर चुनावी परिणाम को ही देखा जा रहा है तो कांग्रेस प्रत्याशियों ने जो चुनाव हारे वे पहले तो दिग्विजय सरकार की विरोधी लहर एवं 2014 का चुनाव मोदी लहर के कारण हारे थें, महज चुनावी परिणाम से यह नहीं कहा जा सकता कि रीवा की कांग्रेस में कोई नेता नहीं है।

फिलहाल जमीनी स्तर पर भी मंगू सरदार के अलावा अभय मिश्रा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होने वाला कोई कांग्रेसी नेता ही नही दिख रहा। पार्टी आलाकमान के निर्देशों को रखते हुए दिल में पत्थर रखकर कुछ कांग्रेसी नेता तो अभय के साथ खड़े भी हो रहें हैं परन्तु यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि वर्षों तक कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के कट्टर विरोधी के रूप में जाने जाते रहे अभय का साथ रीवा कांग्रेस कब तक दे पाएगी।

पहले विधायिका को दिलाएं इस्तीफा 

युकां ने नाम न लेते हुए अभय पर निशाना साधा है, युका का कहना है की अभय पहले विधायिका यानी सेमरिया से भाजपा विधायक अभय मिश्रा की पत्नी नीलम मिश्रा से अभय विधायक पद एवं भाजपा से इस्तीफ़ा दिलाएं एवं कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी दिखाए। युका ने यह भी कहा की अभय ने खुद भाजपा से इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, पत्नी को इस्तीफ़ा दिलाएंगे तो विधायकी से हाँथ धोना पड़ेगा, इसलिए अभय चुनाव आने के चंद दिनों पहले ही नाटकीय रूप से अपनी पत्नी से इस्तीफ़ा दिलाएंगे और साबित करेंगे सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी। 

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