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रीवा: कलेक्टर प्रीति मैथिल ने इन पर लगाया 11 करोड़ का जुर्माना, अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

रीवा

कलेक्टर प्रीती मैथिल ने खनिज कारोबारियों पर जिले की सबसे बड़ी कार्रवाई की है


रीवा. अवैध खनन के कारोबारियों पर रीवा कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। कलेक्टर प्रीति मैथिल ने यह कार्रवाई जिला खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन की सुनवाई के दौरान की है। यह जिले में मुरुम के अवैध खनन पर जुर्माना लगाए जाने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। कलेक्टर की कार्रवाई से खनिज कारोबारियों में हडकंप मचा है।

कलेक्टर कार्यालय के आदेश के अनुसार प्रभारी खनिज अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मनगवां क्षेत्र के लौरी गांव में 1.30 एकड़ से अधिक एरिया में मुरुम का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। 23 जनवरी 2013 को खनिज अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मनगवां तहसील के गढ़ निवासी कुबेरनाथ त्रिपाठी पुत्र काशीनाथ त्रिपाठी करीब 1.30 एकड़ एरिया में करीब ढाई लाख घन मीटर से अधिक मुरुम का अवैध खनन किया।बार-बार नोटिस के बावजूद रॉयल्टी नहीं जमा की गई।उत्खनन में पाया गया कि करीब सात लाख रुपए से अधिक रॉयल्टी की चोरी की गई है। चोरी प्रकरण बनाए जाने के बाद बाजार मूल्य का दस गुना रॉयल्टी का प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान कलेक्टर प्रीति मैथिल ने 8.97 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाते हुए जमा करने का आदेश दिया गया है। एक में शुल्क जमा नहीं किए जाने पर जिला खनिज अधिकारी से अग्रिम कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया गया है। जबकि दो दिन पहले ओवरलोड परिवहन करते पकड़े गए सात से अधिक वाहन के संचालकों पर 3 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना किया गया है। कुल मिलाकर तीन दिन के भीतर खनिज के अवैध कारोबारियों पर 11 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना किया गया है।

ट्रक संचालकों पर 50-50 हजार जुर्माना
जिला खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर गिट्टी और रेत का ओवरलोड परिवहन करते पकड़े गए सात ट्रक संचालकों पर कलेक्टर ने 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।सभी से जुर्माना राशि वसूल करने के लिए जिला खनिज अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।

नहीं भेजा प्रतिवेदन
त्योंथर क्षेत्र के अमिलकोनी गांव के सामने टमस नदी में राजस्व और खनिज अमले की संयुक्त कार्रवाई के दौरान रेत के अवैध निकासी पर छामामार कार्रवाई कर मशीन और पाइप जब्त किए जाने की कार्रवाईकी गई थी। 21 जून को कार्रवाई के बाद आज तक कलेक्टर न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है।

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