रीवा: पुलिस कर्मचारियों व उनके परिवार के हक की लड़ाई लड़ेगी आम आदमी पार्टी

रीवा

रीवा | म0प्र0 में पुलिस बल की कमी होने के कारण आम जन को सुरक्षा मुहैया नही हो रही है, एवं रीवा सहित पूरे म0प्र0 में भय का वातावरण निर्मित है। कांग्रेस के दिगविजय सरकार एवं पिछले 14 वर्षों से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिये कोई प्रयास नही किया है, यह बात रीवा से आम आदमी पार्टी के शहर संयोजक राजीव सिंह शेरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।

राजीव सिंह शेरा ने बताया प्रदेश में पुलिस कर्मचारी जिनकी संख्या अत्यन्त कम है, 18-20 घन्टे ड्यूटी करने के कारण मानसिक अवसाद में जा रहें हैं और लगातार आत्महत्या कर रहें हैं, व काम के बोझ के कारण आम जन की समस्या की सुनवाई नहीं कर पा रहें है। पुलिस कर्मचारियों के ड्यूटी के घन्टे निर्धारित नही है, एवं दी जारही ड्यूटी के अनुरूप न तो उनके वेतन दिया जाता है और न ही उनके परिवार में पत्नी व बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा व आवास की सुविधा मुहैया कराई जाती है एवं रिटायरमेन्ट होने के पश्चात् पेन्शन की सुविधा भी बन्द कर दी गई है। जिस कारण पुलिस कर्मचारियों के परिवार व उनके बीच मन मुटाव पैदा हो रहा है, तथा न्यूनतम वेतन के कारण व परिवार में समय ने देने के कारण पुलिस कर्मचारियों के बच्चें बेरोजगारी के कारण नशे में लिप्त हो रहें है।

जबकि मंत्री, विधायक, सांसद एक बार पद धारण करने के पश्चात् पेन्शन व अन्य सुविधायें प्राप्त करतें हैं। म0प्र0 में पॉच हजार से ज्यादा पुलिस कर्मचारी सत्ताधारी दलों के नेताओं, मंत्रियों व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डी.जी.पी., आई.जी., डी.आई.जी. व पुलिस अधीक्षकों के बंगलों में ड्यूटी करने का मजबूर हैं। जबकि दूसरी तरफ स्थिति यह है कि म0प्र0 में लाखों पुलिस कर्मचारियों के पद रिक्त हैं, जिस कारण आम जन के बीच उनकी समस्याओं को सुनने व उनके निदान के लिये पर्याप्त बल नही है। म0प्र0 की भाजपा की सरकार आम जन की सुरक्षा पर संवेदनहीन है, आम आदमी पार्टी, पुलिस कर्मचारियों व उनके परिवार के लोगों के हक के लिये जल्द ही रीवा से आन्दोलन शुरू करेगी और पुलिस कर्मचारियों को उनका हक दिलायेगी।