MP: स्कूलों ने बनाई नई योजना, दो शिफ्टों में बुलाएंगे बच्चों और शिक्षकों को, पढ़िए

रीवा: लूट मचाने वाले स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, शहर की यह नामी स्कूल भी शिकंजे में

रीवा

जिला पंचायत की शिक्षा स्थाई समिति की बैठक में पारित किया गया प्रस्ताव

रीवा। प्राइवेट स्कूलों के मनमानी संचालन पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। सीबीएसई और एमपी बोर्ड से संबद्ध ये स्कूल अपनी मर्जी के अनुसार शुल्क और किताबों का निर्धारण कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों को आर्थिक भार भी बढ़ रहा है। जिला पंचायत की शिक्षा समिति की बैठक में प्राइवेट स्कूलों पर ही फोकस रहा।

समिति की अध्यक्ष विभा पटेल सहित अन्य सदस्यों ने कहा है कि निर्धारित मानक के विपरीत संचालित हो रही स्कूलों को डीइओ चेतावनी पत्र भेजें और तय करें कि सीबीएसई बोर्ड की सभी स्कूलों में एक समान किताबें पढ़ाई जाएं और शुल्क का नियमों के तहत ही लिए जाएं।
अध्यक्ष ने कहा है कि जिन स्कूलों द्वारा मनमानी किए जाने की शिकायतें आएं वहां ताला बंद करने की कार्रवाई शुरू की जाए। बैठक में लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के समयमान वेतनमान, शेष रह गए संविदाकर्मियों के संविलियन, स्कूल चले अभियान, अनुकंपा एवं पेंशन के प्रकरणों आदि पर भी चर्चा की गई और उनमें कार्रवाई के लिए कहा गया है। बैठक में विधायक प्रतिनिधि राजेश पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी त्रिपाठी, श्याम नारायण शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

दुकानों की ठेकेदारी बंद हो
सदस्यों ने आरोप लगाया कि शहर के भीतर कई बड़ी स्कूलें सीबीएसई बोर्ड की मान्यता पर चल रही हैं। इनमें दुकानदारों को बतौर ठेकेदार यह काम दिया गया है कि संबंधित स्कूल की किताबें और बच्चों के ड्रेस उन्हीं के यहां से खरीदे जाएंगे। कई बार अन्य स्कूलों से खरीदी किए जाने पर स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर नाराजगी जाहिर करते हैं। इस पर तय हुआ है कि ऐसा करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। स्कूलें अपने यहां का शुल्क बोर्ड पर अंकित करेंगे।

ज्योति स्कूल को एक सप्ताह का अल्टिमेटम
शहर की चर्चित ज्योति स्कूल का मामला भी उठाया गया। जहां पर यह बात सामने आई कि एक ही डायस कोड पर दो स्थानों पर स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। बोदाबाग की ज्योति किंडर गार्टन स्कूल की मान्यता नहीं है। कहा गया है कि डीइओ पत्र लिखकर एक सप्ताह के भीतर सारे दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहें, यदि समय पर जानकारी नहीं आती तो वहां पर तालाबंद कराएं। इस दौरान शिक्षा समिति के सभी सदस्य भी वहां पर मौजूद रहेंगे।

इसके अलावा कर्मचारियों और शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है, यह देखा जाएगा कि आरटीई के मापदंडों का कितना पालन किया जा रहा है। इस स्कूल के विरुद्ध पहले भी कई बार कार्रवाई का प्रयास किया गया लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से लगातार शिकायतें बढ़ती जा रही हैं।

आकस्मिक भ्रमण के लिए टीम गठित
शिक्षा समिति की बैठक में एक टीम का गठन किया गया है। जिसमें अध्यक्ष के साथ ही सदस्यों और डीइओ एवं अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। छात्रावासों, मध्याह्न भोजन एवं अन्य योजनाओं के हाताल का यह मौके पर पहुंचकर जायजा लेंगे। शिकायत आई थी कि छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत में ठेकेदार मनमानी रूप से काम कर रहे हैं।

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