रीवा विधायक राजेंद्र के समर्थन में उतरें नरोत्तम, कहा: पहले 50 हजार करोड़ की नोटिस राहुल गाँधी को भेजे कमल नाथ सरकार

भोपाल मध्यप्रदेश रीवा
  • चुनावी वादा नहीं निभाने पर नेताओं पर कार्रवाई की परंपरा की शुरुआत राहुल को नोटिस भेजकर करें सरकार
  • गत दिवस रीवा नगर निगम पूर्व मंत्री व विधायक राजेंद्र शुक्ल को भेजी थी 4 करा़ेड रुपए वसूली की नोटिस

रीवा । चुनाव के समय गरीबों को फ्री मकान देने का वादा रीवा विधायक ने किया था । जिसे न तो पूरा किया गया बल्कि नियम विरुद्घ तरीके से गरीबों को मकान देने की प्रक्रिया का भी पालन कराया था ।जिसे लेकर ननि आयुक्त सभाजीत यादव ने विधायक राजेंद्र शुक्ला को नोटिस भेजकर 4 करोड पर जमा करने की बात की थी । उक्त नोटिस के जवाब में भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ सरकार पर पलटवार किया है । उन्होंने कहा कि अगर नोटिस भेजनी ही है तो सबसे पहले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 50 हजार करोड रुपए की नोटिस भेजी जानी चाहिए । उन्होंने कहा कि चुनावी वादा पूरा न करने की स्थिति में नेताओं को नोटिस भेजने की प्रक्रिया का शुभारंभ नाथ सरकार राहुल गांधी से ही करें ,तो बेहतर होगा । उन्होंने कहां की यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का कारण है लेकिन मैं वर्तमान प्रदेश सरकार से कहना चाहता हूं इस तरह की कार्रवाई ठीक नहीं है ।

मामले पर एक नजर
प्रदेश में पंद्रह साल तक सबका साथ सबका विकास करने वाली भाजपा सरकार के टापर पूर्व मंत्री और रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल को रीवा नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने गत गुरुवार को तकरीबन चार करोड 94 लाख रुपए नगर निगम में जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया है। एक दिन पहले यानी बुधवार को आयुक्त ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे को भेजे गए पत्र में रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल के कारनामे से दस्तावेज सहित अवगत करा दिया है। रीवा में विकास की चहूं ओर गंगा बहाने वाले विकास पुरुष को जारी वसूली संबंधित नोटिस की जानकारी नगर निगम कार्यालय के बाहर आई तो आग की तरफ चारों तरफ फैलते देर नहीं लगी। रानी तालाब और चूना भट्ठा क्षेत्र में झोपडी बनाकर जिंदगी गुजारने वाले गरीबों को सुविधाओं से सुसज्जिात आवास निःशुल्क दिए जाने का झूठा वादा करके एक तो उनके सिर से छत छिन ली गई । वहीं दस साल बाद भी बेघर हो चुके दो सैकडा से अधिक गरीबों को आवास नसीब नहीं हुआ है। विगत 16 सितंबर को आवास विहीन गरीबों ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर शहर में एक रैली निकाली और संभागायुक्त डॉ अशोक भार्गव के समक्ष पहुंचकर अपनी समस्या से भलीभांति अवगत कराया था। उस दौरान रीवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अजय मिश्रा बाबा ने संभागायुक्त को बताया था कि किस तरह से गरीबों को पहले सुनियोजित तरीके से बेघर किया गया और उसके बाद आवास सुविधा के नाम पर दर दर भटकने के लिए मजबूर किया गया। विकास का चोला ओढकर बहुचर्चित हुए पूर्व मंत्री की पैंतरेबाजी को अनपढ और भोले भाले गरीब नहीं समझ पाए और अपने तथा परिजनों के लिए बडी मुसीबत खडी कर ली। एक विशेष योजना के अंतर्गत 875 लाख रुपए से अधिक लागत में रीवा नगर निगम क्षेत्र के रतहरा और रतहरी में 248 आवासों का निर्माण कराया गया। इस योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नगर निगम रीवा और हितग्राही का अंश भी शामिल होना था। बडी मुश्किल से दो जून की रोटी का इंतजाम करने वाले गरीबों के पास अपना अंश देने के लिए पैसे ही नहीं थे। इसलिए यूनियन बैंक रानीगंज से फाइनेंस कराने की प्रक्रिया भी ठण्डे बस्ते मे चली गई ।

नियम विरुद्घ तरीके से कर दिया आवंटन
नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने नगरीय प्रशासन, विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे को भेजे गए पत्र में बताया कि रीवा नगर निगम में भाजपा का महापौर होने और तत्कालीन अधिकारियों का सहयोग होने के कारण ही नियम विरुद्घ तरीके से रतहरा और रतहरी में बने आवासों का आवंटन भी कर दिया गया। रीवा नगर निगम को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने का काम किया गया है। नियमानुसार आवंटन की प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया। इस पूरे खेल में रीवा नगर निगम के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री शैलेंद्र शुक्ल और एसडीओ एपी शुक्ला की महती भूमिका रही है। इन दोनों अधिकारियों ने ही निशुल्क आवास के नाम पर गरीबों को बरगलाने का काम किया था। तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार में रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल की मजबूत पकड किसी से छिपी नहीं थी, इस कंट्रोल का मिसयूज करते हुए रीवा नगर निगम को तकरीबन 4 करोड 94 लाख रुपए का घाटा सुनियोजित तरीके से पहुंचाया गया।

चुनावी घोषणापत्र में निःशुल्क आवास का किया वादा
तकरीबन दस साल पहले रानी तालाब और चूना भट्ठा नये बस स्टैंड क्षेत्र में रहने वाले गरीबों के बीच रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल पहुंचे और उन्हें अपने झोपडे खाली करने तथा निःशुल्क सुविधा संपन्न आवास दिलाने का आश्वासन दिया। गरीबों को शक न हो इसलिए रीवा विधायक ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी गरीबों को आवास दिए जाने का उल्लेख प्रमुखता के साथ किया। बकायदा अपना दूत बनाकर पूर्व मंत्री ने रीवा नगर निगम के तत्कालीन अधिकारियों को गरीबी के पास बरगलाने के लिए भेजा। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने गरीबों से कहा कि आप लोगों राजेंद्र शुक्ल को भारी मतों से चुनाव जीताएं, चुनाव बाद सबको मुफ्त में ऐसे आवास दिए जाएंगे जहां हर तरह की सुविधा मौजूद रहेंगी। चुनावी घोषणापत्र में आवास का उल्लेख होने के कारण गरीब फंस गए और उसी वजह से उन्हें आज आवास के लिए दर दर भटकना पड रहा है। इस पूरे घटनाक्रम की वजह से रीवा नगर निगम को राजस्व क्षति उठानी पडी है। यही वजह है कि नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल को नोटिस जारी कर नगर निगम के खाते में 4.94 करोड़ रुपए जमा कराने के लिए कहा है। इस नोटिस के कारण विंध्य सहित पूरे मध्यप्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है।

मकान का आवंटन नियम के अनुरूप ही हुआ है। नगर निगम के अधिकारी पूरी तरीके से अनर्गल आरोप लगा रहे हैं ,जो कि गलत है अगर कोई नोटिस मुझे प्राप्त होती है तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी । -राजेंद्र शुक्ला ,विधायक एवं पूर्व मंत्री

मकान आवंटित करने में नियम का पालन नहीं किया गया जबकि तत्कालीन मंत्री द्वारा उक्त राशि ना जमा करने की अपील लोगों से की गई थी ं।ऐसे में उन्हें नोटिस भेजकर राज जमा करने की निर्देश दिए गए हैं । -सभाजीत यादव ,आयुक्त नगर निगम रीवा

जो भी आवंटन हुआ था वह नियम के तहत था चुनावी वादे पर नोटिस भेजना सरकार की मानसिकता को दर्शाता है । नोटिस भेजना ही है तो सरकार सबसे पहले राहुल गांधी को भेजें। -नरोत्तम मिश्रा ,विधायक एवं पूर्व मंत्री भाजपा

नियम के तहत कार्रवाई की जा रही है । जो भी गलत हुआ है और जिसने किया है उसके विरुद्घ इस सरकार में कार्रवाई होगी । चाहे कोई भी हो इससे फर्क नहीं पड़ता है कि वह नेता है या अफसर । निष्पक्ष कार्रवाई में किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए । -लखन घनघोरिया ,प्रभारी मंत्री रीवा

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