LOCKDOWN में अकाउंट में पैसे हुए ख़त्म तो यहाँ मिलेंगे, जरूर पढ़िए

रीवा : सरपंच-सचिव ने लाखों डकारे, जांच शुरू

मध्यप्रदेश रीवा

जिले के त्योंथर जनपद के ग्राम पंचायत कैथी पचकठा में सरपंच एवं सचिव द्वारा भारी अनियमितता की गई है। इन दोनों की मिलीभगत से लाखों रुपये की हानि शासन को पहुंचाई गई है। पंचायत में कई ऐसे कार्य कागजों में पूर्ण होना बताकर उसके मद की राशि भी आहरित कर ली गई है। वहीं इन दोनों के द्वारा शासन की मनरेगा, पंचपरमेश्वर, समग्र स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास येाजना इत्यादि मदों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है। इनके द्वारा की गई मनमानी की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई है।

सूत्रों के मुताबिक इस भ्रष्टाचार की जांच भी शुरू कर दी गई है। मस्टर रोल में फर्जी मजदूरों के नाम से निकला ली राशि बताया गया कि सरपंच सचिव की मिलीभगत से मनरेगा योजना में दर्जनों मजदूरों के नाम फर्जी तौर पर मध्यांचल बैंक में खाता खुलवाया गया और उनके खाते का पैसा निजी हित में ले लिया गया। उदाहरणस्वरूप जिनके खाते में 32 सौ रुपये थे उन्हें केवल 200 रुपये वहीं जिनके खाते में 4000 रुपये उन्हें 300 रूपये देकर शेष राशि सरपंच सचिव द्वारा ले ली गई। कुछ ऐसे ही उदाहरण जो कार्यरत कहीं दूसरी जगह हैं, लेकिन उन्हें संबंधित ग्राम पंचायत में मजदूर बताया गया है। उदाहरणस्वरूप उत ग्राम पंचायत के ही निवासी राजेन्द्र सिंह पूर्व सरपंच जो अब भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं। इनके बेटे के बारे में बताया गया है कि वह मुंबई में इनोस कंपनी में सर्विस करता है। इसका वेतन तीस हजार रुपये प्रतिमाह है। वहीं दूसरा बेटा संदीप सिंह का नाम मजदूरी में लिखा गया है। साथ ही उनकी पत्नी आशा सिंह तथा बड़ी बहू नीरू सिंह का नाम भी मजदूरी में लिखा है, जो एक रुपये किलो चावल एवं गेहू उठाते हैं। भूस्वामियों को बता दिया मजदूर सरपंच सचिव ने ऐसे लोगों को ाी मजदूर बना दिया, जिनके पास दस बारह एकड़ से ज्यादा जमीन उपलध है। अजय सिंह पिता स्वर्गीय सरदार सिंह के पास 15 एकड़, अनिल सिंह पिता सरदार सिंह के पास 13 एकड़ इसी तरह से ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनके नाम जमीन है, लेकिन उन्हें भी मजदूर बना दिया। कार्य में गुणवाा नहीं ग्राम पंचायत में जो ाी निर्माण कार्य कराये गए साी गुणवााहीन बताये गए हैं। कहना है कि ग्राम ककरैला से इंद्रपाल सिंह के घर तक मिट्टीकरण एवं मुरमीकरण में व्यापक अनियमितता की गई। वहीं पीसी रोड निर्माण, अंतरी पार मे पुलिया निर्माण, देवी मंदिर में चबूतरा निर्माण, ककरैला बस्ती में पीसीसी निर्माण, स्टेडियम निर्माण आदि कार्यों में मनमानी की गई है। जिसकी जांच कराई जानी आवश्यक है। अपात्रों को बना दिया आवास योजना का पात्र सरपंच सचिव की मनमानी इतनी है कि इंदिरा आवास योजना का लाभ ऐसे लोगों को दिया गया है जो इसके पात्र नहीं हैं। ग्राम ककरैला निवासी बेवा राजकली सिहं पति स्वर्गीय प्रद्युम्र सिंह के पास निजी ट्रैटर है, करीब 25 एकड़ के काश्तकार हैं लेकिन इन्हें इंदिरा आवास योजना के साथ कर्मकार कार्ड, मजदूरी, मेंढ़ बंधान आदि का लाभ दिया जा रहा है। इतना ही नहीं इनका नाम गरीबी रेखा में जोड़ दिया गया है जिससे इन्हें एक रूपये किलो गेहूं और चावल मिल रहा है, जो नियम विरूद्ध है। ऐसे कई तरह की अनियमिततायें सरपंच श्रीमती राजकुमारी साकेत एवं सचिव जितेन्द्र सिंह की मिलीभगत से की जा रही है। हालांकि इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से कई बार की गई है, जिसको गंभीरता से लेते हुए जांच भी शुरू कर दी गई है। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के ककरैला निवासी विजय सिंह ने दी।

Facebook Comments