रीवा : वार्ड 43 व 44 में मचा पानी के लिए हाहाकार, पहुंच रहा गन्दा पानी

रीवा

रीवा : नगर निगम को हाल ही में पेयजल व्यवस्था को लेकर दिए गए प्रजेंटेशन में स्काच एवार्ड दिया गया है। जाहिर है निगम अधिकारियों सहित कर्मचारियों में खुशी की लहर है, अपने-अपने तरीके से बधाइयां भी दी जा रही हैं। जबकि हकीकत यह है कि निगम प्रशासन जिस व्यवस्था और एवार्ड के लिए जश्न मना रहा है, वह शहर में है ही नहीं।

निगम के विा प्रभारी के वार्ड में लोग सुबह से पानी का डिबा लेकर घूमते नजर आते हैं। कई वार्डों में पेयजल नहीं पहुंच रहा है, जहां पहुंच भी रहा है वहां गंदा पानी आ रहा है। कुछ वार्डों का जायजा लिया गया तो पाया कि निगम की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से इन वार्डों में फेल है। हालांकि यह हालात पूरे शहर में हैं। अधिकारी इसमें सुधार करने की वजाय एवार्ड दिखा कर वाहवाही लूट रहे हैं। वार्ड में 90 प्रतिशत जनता प्यासी निगम के विा प्रभारी व वार्ड 44 पार्षद नीरज पटेल के वार्ड में 90 प्रतिशत क्षेत्र में पानी नहीं है। सुबह होते ही लोग डिबे लेकर पानी की खोज में निकल पड़ते हैं।

पेयजल के लिए लोग दूसरे वार्डों पर निर्भर है। बताया गया कि वार्ड के चिरहुला कालोनी में कुछ हद तक पानी पहुंच रहा था, लेकिन इस टंकी को जब से रानी तालाब फिल्टर प्लांट से जोड़ दिया गया तब से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके साथ ही महाजन टोला पुरानी बस्ती, पीडल्यूडी वर्कशाप के पीछे सहित अन्य मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है। विा प्रभारी ने बताया कि पानी की समस्या की जानकारी कई दफा निगम प्रशासन को दी गई लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं तीन वार्डों के लिए करोड़ों का प्रस्ताव तैयार कर निगम प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया था। चूंकि अब कोई आईएएस अधिकारी नहीं है, जो बात कर सके, जिससे कार्ययोजना पर अमल भी नहीं हो सका।