मैनें और मेरे परिवार ने कभी मच्छर तक नहीं मारा, किसी और को क्या मरवाऊँगा: उद्योग मंत्री

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा। जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा और उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल का तथाकथित विवाद अब राजधानी में सदन की सीढ़ियां चढ़ चुका है. मंत्री शुक्ल पर अभय मिश्रा एवं उनकी विधायक पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को मंत्री ने सिरे से खारिज कर महज एक राजनितिक स्टंट बताया है. 

बता दें सोमवार को भाजपा से सेमरिया विधानसभा की महिला विधायक ने आई जी को ज्ञापन देकर एक प्रेस कांफेरेंस का आयोजन किया था, जिसमें विधायिका श्रीमती नीलम अभय मिश्रा ने स्थानीय मंत्री पर आरोप लगाए थे की उनके द्वारा पुलिस के माध्यम से उनके पति जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा के एनकाउंटर की साजिश रची जा रही है. नीलम अभय मिश्रा यहीं नहीं रुकी अगले दिन मंगलवार को वे सीधे सदन पहुंची, जहाँ उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल’ के समर्थन में मंत्री पर आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गई.

उन्होंने सदन में मंत्री पर सीधे तौर पर आरोप लगाया की मंत्री राजेंद्र शुक्ल से उनके पति की जान को खतरा है, कारण उनके पति द्वारा राजेंद्र शुक्ल पर अवैध खनिज उत्खनन का विरोध करना, व्यवसायी विशेष को जिले की सरकारी जमीने बेंचने का विरोध एवं भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनके पति का बढ़ता राजनैतिक कद है. श्रीमती मिश्रा का कहना है की उनके पति के बढ़ते राजनैतिक कद से मंत्री डरे हुए है, इसलिए मंत्री द्वारा उनके पति का पुलिस के द्वारा एनकाउंटर की साजिश रची जा रही है. श्रीमती मिश्रा सदन में फूट – फूटकर रोने लगी एवं अपने पति की सुरक्षा की मांग करने लगी. इस दौरान गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने उन्हें सुरक्षा देने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान अभय की देवास में गिरफ्तारी की खबर भी आई, जहाँ कुछ ही देर में पुलिस द्वारा उन्हें छोड़ भी दिया गया. 

हांलाकि मंत्री राजेंद्र शुक्ल प्रायः बयानबाजी और विवादों से दूर रहते हैं, पर सदन में ऐसे आरोप लगाने के बाद उन्होंने जबाव दिया। मंत्री ने कहा ‘मैंने और मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने कभी मच्छर भी नहीं मारा, किसी की जान लेने की साजिश क्या रचूंगा’. सेमरिया विधायक द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं एवं राजनितिक स्टंट हैं, वे अपने पति के इशारों पर चल रही हैं एवं मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं, चूंकि उनके पति भाजपा छोड़ अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं इसलिए इनके द्वारा ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं. श्री शुक्ल ने यह भी कहा की अगर मैंने कभी कोई भ्रष्टाचार किया है तो नियमित जांच बैठाएं, न्यायिक जांच कराएं। रहा अवैध उत्खनन का मामला अभय मिश्रा ऐसे अवैध धंधों में खुद शामिल होते हैं. हत्या जैसी साजिश पर तो मेरा नाम न ही जोड़ें। पूरा मामला सेमरिया थाना पुलिस और अभय मिश्रा के बीच का है, इसमें मेरा कोई लेना देना नहीं है. 

इस मामले में आरोपी बनें हैं अभय 

सप्ताह भर पूर्व रीवा जिले के सेमरिया थानांतर्गत हुई दो आदिवासियों की मौत के मामले में कांग्रेस एवं बसपा के नेताओं ने पुलिस को जिम्मेदार बताते हुए जहां धरने पर बैठ गए थे वहीं सेमरिया थाना प्रभारी के साथ छीना-झपटी और पुलिस से बदसलूकी किए जाने सहित मारपीट की भी खबर रही। जिसके चलते सेमरिया थाने में जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा, कांग्रेस शहर अध्यक्ष मंगू समेत कई कांग्रेसी एवं बसपा नेताओं पर पुलिस ने धारा 353, 294, 506बी, 127 सहित 9 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था और उक्त दर्ज मामले के तहत रेलवे स्टेशन में पुलिस ने दबिश देकर रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की गिरफ्तारी के प्रयास किए थे, इस दौरान स्टेशन परिसर पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील रहा. हांलाकि स्टेशन में पुलिस दस्ते की मौजूदगी को रीवा एसपी ने सिरे से नकार कर अपराधियों की धर पकड़ का वास्ता दिया था, परन्तु पुलिस की दबिश को जोड़ा जा रहा है।