REWA-ANAND VIHAR TRAIN

…तो बड़े हादसे का शिकार हो जाती ‘रीवा-आनंद विहार सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस’ ट्रेन

रीवा सतना

सतना। सोमवार की शाम को आनंद बिहार जाने वाली दिल्ली सुपरफास्ट ट्रेन रोलिंग की स्टॉफ की सतर्कता की वजह से दुर्घटना का शिकार होते-होते बच गई।

रोलिंग स्टाफ की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

रीवा-आनंद बिहार निर्धारित समय पर चलने के बाद रफ्तार पकड़ने वाली ही थी, कि तकरीबन 100 मीटर बाद इलाहाबाद इण्ड की तरफ ड्यूटी में लगे रोलिंग आउट स्टॉफ ने इंजन के नीचे ब्रेक पुल रॉड लटकते देखा और आनन-फानन में मैसेज देकर गाड़ी को रूकवा दिया।

सबने यही सोचा कि प्लेटफार्म से चलने के बाद गाड़ी में चैन पुलिंग हो गई है, लेकिन जब चैन पुलिंग के संकेत नहीं मिले, तो स्टेशन में आॅन ड्यूटी स्टॉफ के कान खड़े हो गए, कि आखिर अचानक गाड़ी के चलते ही पहिए कैसे थम गए। संभावना जताई जाती है कि अगर गाड़ी इसी स्थिति में कुछ दूर और आगे जाती, तो इंजन और कोच बे-पटरी हो जाते और यात्रियों की जान तक की बन जाती, इतना ही नहीं सिग्नल प्वाइंट भी क्षतिग्रस्त हो जाता, जिससे अप-डाउन की गाड़ियां भी प्रभावित होती।

आनन-फानन में मौके पर जिम्मेदार अमला पहुंचा और जांच व सुधार कार्य कर आगे गाड़ी को रवाना करवाया। हलांकि इस घटना के कारण 25 मिनट गाड़ी लेट रवाना हुई। वहीं इस घटना से 12149 पूणे-पटना एवं 12168 वाराणसी लोकमान्य तिलक होम-सिंग्नल पर प्रभावित हुई।

तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
घटना की जानकारी लगते ही मण्डल रेल प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है। सीनियर डीएसओ ने इसके लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई, जो इसकी जांच करेंगे कि ब्रेक पुल रॉड का पिन कैसे निकल गया था? क्या गाड़ी में इंजन लगने से पहले ही यह रॉड लटक रहा था? जबकि पॉवर डीजल शेड से ही निकला था, ऐसे तमाम बिन्दुओं पर जांच कराई जाएगी।

जांच टीम में एलआई, टीआई और लोको सुपरवाइजर को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि रीवा-आनंद बिहार को राइट-टाइम चलाने के लिए सतना स्टेशन पर पहले से ही एक इंजन तैयार रखा जाता है, ताकि गाड़ी के आते ही पहला इंजन निकालकर दूसरे इंजन से कम समय में गाड़ी चलाई जा सकें। रीवा से जो इंजन गाड़ी लेकर आया था, उसे निकालकर सतना स्टेशन में पहले से खड़े इंजन को लगाकर चलाया गया था। बताया गया कि यह इंजन तुगलकाबाद का है।