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देश का गद्दार 'रीवा का यह परिवार' / घर में बना रखा था AK-47 की असेम्बलिंग फैक्ट्री, नक्सलियों को 5 लाख में बेंचता था एक राइफल

RewaRiyasat.Com
रीवा रियासत डिजिटल
06 Jun 2021

Story of Country and Army Traitor Purushottam Lal Rajak / रीवा की धरा ने ऐसे कई सपूत जने हैं, जिन्होंने देश और देशवासियों की सेवा के लिए अपनी जान तक न्यौछावर कर दी. लेकिन एक छोटे से गाँव का एक परिवार ऐसा भी निकला, जिसने अपनी जन्मभूमि रीवा, कर्मभूमि जबलपुर और देश को शर्मसार कर दिया. देश के साथ गद्दारी करने वाला रीवा का यह परिवार जबलपुर में आलिशान मकान बनाकर रहता है और वहीं से AK-47 की असेम्बलिंग फैक्ट्री (Illegal Assembling Factory of AK-47 Rifle in Jabalpur) चलाकर, नक्सलियों को 5 लाख रूपए तक में बंदूकें बेंच देता था. उसी बन्दूक से नक्सली हमारे देश के जवानों, पुलिसकर्मियों और आम जनता को निशाना बनाकर मौत के घाट उतार देते थें. 

देश के साथ गद्दारी करने वाला यह परिवार Jabalpur के Central Ordnance Depot के रिटायर आर्मरर पुरुषोत्तम लाल रजक का है. जिसने चंद पैसों की लालच के चलते सेना के हथियारों को नक्सलियों को बेंचना शुरू कर दिया. पैसे भी बहुत कमाएं, जबलपुर में आलिशान मकान बनाकर रहने वाला रिटायर आर्मरर पुरुषोत्तम लाल रजक ने अपने बंगले में ही असेम्बलिंग फैक्ट्री बना रखी थी. उसकी इस करतूत में पत्नी, बच्चे समेत पूरा परिवार शामिल था. फिलहाल पूरा परिवार जेल में है. 

मूलत: रीवा के मनगवां थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर का निवासी पुरुषोत्तम लाल रजक वर्ष 2008 में जबलपुर स्थित Central Ordnance Depot (COD) से रिटायर हुआ था. सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो में भारतीय सेना के नए एवं पुराने हथियार रखे जाते हैं. साथ ही यहाँ इनकी मरम्मत भी होती है. 

देश का गद्दार 'रीवा का यह परिवार' / घर में बना रखा था AK-47 की असेम्बलिंग फैक्ट्री, नक्सलियों को 5 लाख में बेंचता था एक राइफल

पुरुषोत्तम लाल रजक जबलपुर के अलावा लखनऊ, बिहार, लेह, जम्मू, अरुणाचल प्रदेश में भी पदस्थ रहा. पहली बार वह चर्चा में तब आया, जब 29 अगस्त को बिहार की मुंगेर पुलिस ने जुबली वेल चौक से मिर्जापुर बरदह निवासी मोहम्मद इमरान को 3 AK-47 राइफल और उसके पार्ट्स के साथ में दबोचा था. इमरान ने पूछताछ में पुरुषोत्तमलाल रजक के नाम का खुलासा किया था.

4 सितंबर 2018 को जबलपुर की पुलिस ने दबोचा

इमरान की गिरफ्तारी की भनक पुरुषोत्तम को लग चुकी थी. उसने जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र स्थित पंचशील नगर के मकान में ताला लगाकर पत्नी चंद्रवती व बेटे शीलेंद्र को जहां ससुराल भेज दिया. वहीं, खुद अपने पैतृक गांव भाग गया था. गोरखपुर व क्राइम ब्रांच की टीम ने 4 सितंबर को उसे रीवा के बैकुंठपुर गांव से दबोचा था. बाद में उसकी पत्नी व बेटे और जयप्रकाश नगर अधारताल निवासी सीओडी में स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर को दबोचा था.

तीन साल से बंद पड़ा है घर, जाले चढ़ गए

पुरुषोत्तम लाल रजक का पंचशील नगर स्थित घर तीन साल से बंद पड़ा है. वह पड़ोसियों से कम व्यवहार रखता था. उसके बारे में पड़ोसी भी अधिक कुछ नहीं जानते थे. तीन साल पहले जब पुलिस पहुंची, तब वे उसकी करतूत सुनकर दंग रह गए थे.

अब National Investigation Agency (NIA) द्वारा पुरुषोत्तम सहित 14 आरोपियों के खिलाफ पटना के स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है. पुरुषोत्तम के बारे में उसके किसी भी पडोसी को कोई ख़ास जानकारी नहीं है.

पड़ोसियों के मुताबिक़ वह किसी से संपर्क में नहीं रहता था. पड़ोसी सुशील बहरानी ने बताया कि वे 2020 में यहां शिफ्ट हुए हैं. तब से पुरुषोत्तम के मकान को बंद ही देखा है. इसी मोहल्ले में किराना स्टोर संचालक सुनील जेठानी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद ही उसके बारे में जाना. वह किसी से संबंध नहीं रखता था.

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