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MP: जूनियर डॉक्टरों को हाईकोर्ट से जोर का झटका, कोर्ट ने कहा 24 घंटे में काम पर लौटे जूडा, प्रदेश के तीन हजार डॉक्टरो ने दिया स्तीफा

RewaRiyasat.Com
Suyash Dubey
03 Jun 2021

Bhopal/ भोपाल: पिछले 4 दिनों से अपनी मांगो को लेकर हडंताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों को हाईकोर्ट ने 24 घंटे में काम पर लौटने का आदेश जारी कर दिया है। हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों के इस कदम को हाईकोर्ट ने असंवैधानिक घोषित किया है। 

सरकार को कार्रवाई का निर्देश

हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि जूनियर डॉक्टरों के काम में न लौटने पर सख्त कार्रवाई कर सकती है। हाईकोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद जूनियर डॉक्टर में खलबली मच गई है। वही एसोसिएशन का कहना है कि बैठक करके आगे का निर्णय लेगे।

हाईकोर्ट की डबल बेंच ने की निंदा

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मो. रफीक और न्यायमूर्ति सुजय पॉल की डबल बेंच ने कोरोना काल में जूनियर डॉक्टरों की चल रही हड़ताल की निंदा की और कहा कि इस कठिन समय में डॉक्टरों को हड़ताल का सहारा नहीं लेना चाहिए था। 

जनहित याचिका पर हुई सुनवाई

डॉक्टर्स की हड़ताल के खिलाफ शैलेन्द्र सिंह ने जनहित याचिका लगाई थी। वर्ष 2014 और 2018 में हाईकोर्ट जूडा की हड़ताल को गलत बता चुका है। इसी दलील के साथ राज्य सरकार ने भी अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखा था।

सरकार की ओर से बताया गया कि जूडॉ के परिजनों की उनके कार्यस्थल पर मुफ्त इलाज की मांग मान ली गई है। मानदेय पर भी उचित निर्णय लेने पर विचार चल रहा है। कोरोना काल में हड़ताल कर जूनियर डॉक्टर ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं।

महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव ने बताया कि हाईकोर्ट ने जूडा की हड़ताल को अवैधानिक घोषित किया है। उन्हें 24 घंटे में काम पर वापस आने को कहा है। वे यदि 24 घंटे के भीतर काम पर नहीं आते हैं तो सरकार को एक्शन लेने का भी निर्देश दिया गया है।

ये है मांगे

हड़ताली डॉक्टरो की मांग है कि स्टाइपेंड में 24 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करके 55 हजार से बढ़ाकर 68 हजार 200, 57 हजार से बढ़ाकर 70 हजार 680 और 59 हजार से बढ़ाकर 73 हजार 160 रुपए कर दी जाए। प्रति वर्ष वार्षिक 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी हमारे स्टाइपेंड पर दी जाए।

पीजी करने के बाद एक साल के ग्रामीण बांड को कोविड की ड्यूटी के बदले हटाने के लिए एक कमेटी बनाई जाए, जो इस पर विचार करके अपना फैसला जल्द से जल्द सुनाए।

कोविड ड्यूटी में काम करने वाले हर जूनियर डॉक्टर को 10 नंबर का एक गजटेड सर्टिफिकेट मिले, जो आगे उसको सरकारी नौकरी में फायदा प्रदान करे। कोविड ड्यूटी करने वाले सभी जूडा के परिवार के लिए अस्पताल में अलग से एक एरिया और बेड रिजर्व किये जाए।

इलाज में प्राथमिकता के साथ सभी सुविधाएं फ्री ऑफ कॉस्ट मुहैया कराया जाए। कोविड ड्यूटी में कार्यरत जूनियर डॉक्टर के अधिक कार्यभार को देखते हुए उन्हें उचित सुविधा प्रदान की जाए।

प्रदेश के तीन हजार डॉक्टरो ने दिया स्तीफा

एमपी के तीन हज़ार से ज़्यादा जूनियर डॉक्टर ने गुरूवार की देर शाम सामूहिक इस्तीफा स्तीफा दे दिया। हाई कोर्ट के 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद जूडा ने बैठक करके यह निर्णय लिया है। जूडा ने कहा है कि वे हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

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