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Madhyapradesh : जूडा के खिलाफ सरकार एक्शन मूड में, आयुक्त ने कहा सीट छोड़ने पर भरने होगे 10 से 30 लाख का बांड

RewaRiyasat.Com
Sandeep Tiwari
04 Jun 2021

Bhopal: जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ सरकार अब एक्शन मूड में आ गई है। दरअसल मध्यप्रदेश हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश के 24 घंटे पूरे होने के बाद भी जूनियर डॉक्टर काम पर वापस नहीं आए हैं।

जिसके चलते चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े ने डीन को पत्र लिख कर जरूरी आदेश दिये है। 

यह है आदेश

आयुक्त के आदेश के तहत मेडिकल कॉलेज की सीट छोड़ने वाले जूनियर डॉक्टर को बांड के अनुसार 10 से 30 लाख रुपए भरने होंगे। गौरतलब है कि एक दिन पहले जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 468 जूनियर डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद अब नई चेतावनी दी गई है।

नियम का दिया गया हवाला

डॉक्टरो पर की जा रही कार्रवाई के लिये चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े ने बताया कि यूजी और पीजी में नीट से सिलेक्टेड स्टूडेंट्स को मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में मैरिट के आधार पर एडमिशन के लिए सरकार द्वारा “मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम-2018 एवं संशोधन 19 जून, 2019’’ के अनुसार पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। नियम के तहत समय-सीमा के बाद अभ्यर्थी द्वारा सीट छोड़ने पर बांड की शर्तें लागू होंगी।

आयुक्त के अनुसार 10 लाख रुपये प्रवेश वर्ष 2018 व 2019 और 30 लाख रुपये प्रवेश वर्ष 2020 स्वशासी संस्था को देना होगा। प्राइवेट मेडिकल एवं प्राइवेट डेंटल कॉलेज की सीट छोड़ने पर संबंधित कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम में पूरा शैक्षणिक शुल्क देना होगा।

डीन और संभागायुक्त करेगे कार्रवाई

वरवड़े ने बताया कि डीन और संभागायुक्त अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे। लगातार डॉक्टरों की सुविधाएं के लिए कदम उठा रहे हैं।

अब कोर्ट के आदेश अनुसार कार्रवाई की जा रही है। अस्पतालों में स्टाफ बढ़ाने के लिए हम पहले से ही कार्रवाई कर रहे हैं। 

मंत्री ने काम पर लौटने किया ट्वीट

जूनियर डॉक्टरों से बात करने और उनके काम पर लौटने की अपील करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भी ट्वीट किया है।

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