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मध्यप्रदेश कांग्रेस में कमलनाथ बनाम अजय सिंह राहुल, जानिए रीवा के पूर्व लोस प्रत्याशी सिद्धार्थ राज ने किसका समर्थन किया

RewaRiyasat.Com
रीवा रियासत डिजिटल
09 Jun 2021

तथ्य के साथ सत्य कह कमलनाथ ने विंध्य का महत्व बताया : सिद्धार्थ राज तिवारी

रीवा. मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. विंध्य को लेकर कमलनाथ और अजय सिंह राहुल के बीच तकरार साफ़ देखा जा रहा है. इस बीच रीवा लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी राज ने PCC Chief व प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा विंध्य पर दिये गये बयान का समर्थन किया है.

सिद्धार्थ राज तिवारी ने कहा कि कमलनाथ ने आकड़ों की हकीकत को बयान किया. यह अकाट्य सत्य है की विंध्य की 31 विधानसभा सीटों में मात्र 5 सीटे कांग्रेस के कब्जे में है.

उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी ने अपने बयान में विंध्य के महत्व को दर्शाते हुए यह कहा कि विंध्य अगर हमारे साथ होता तो गोविंद नारायण सिंह, श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी व इंद्रजीत पटेल जैसे बड़े नेता विंध्य को दिये हैं, जिन्होंने देश व प्रदेश की राजनीति को संचालित किया उसी क्रम को आगे बढ़ते हुये कमलनाथ लोकसभा चुनाव में रीवा में कहा था कि यदि कांग्रेस जीतती है तो भोपाल रीवा को नही रीवा भोपाल को चलायेगा उनका ये बयान यह बताता है कि रीवा समेत विंध्य कमलनाथ के लिये कितना मायने रखता है.

सिद्धार्थ ने कहा कि विंध्य में कांग्रेस की हार के लिये वे नेता जिमेदार हैं जिन्हें पार्टी ने टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक फ्री हैंड दे रखा था. वो अपनी जिमेदारियों से पल्ला झाड़ नही सकते. इतिहास से सीख लेकर ही भविष्य को मजबूत किया जा सकता है. विंध्य के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल न कभी कमजोर था न है न होगा. कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता योद्धा है और कमलनाथ के नेतृत्व में शिवराज सरकार की जनविरोधी नीतियों का माकूल जवाब देगा.

उन्होंने कहा विंध्य में जिमेदार कांग्रेस नेता कार्यकर्ताओं की दुहाई दे कर अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास न करें. इससे कार्यकर्ताओं का अपमान होता है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता एक जुट है वो पार्टी व प्रदेश के सर्व स्वीकार चेहरा हैं, उनके नेतृत्व में ही 15 सालों बाद प्रदेश ने कांग्रेस की वापसी हुई थी उन्ही के नेतृत्व में कांग्रेस 2023 में एक बार फिर सरकार बनाएगी.

क्या कहा था कमलनाथ ने 

बता दें कि हाल ही में जब पूर्व सीएम कमलनाथ मैहर पहुंचे थे तो सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंनें ''भारत को बदनाम देश '' जैसी विवादास्पद टिप्पणी कर दी थी जिसे भाजपा के लोगों ने तेजी से वायरल ही नहीं किया बल्कि उस टिप्पणी को लेकर अब तक पार्टी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की किरकिरी हो रही है.

हालांकि मैहर से भोपाल लौटते जबलपुर एयरपोर्ट पर उन्होंने अपनी गल्ती को संभाला था और संशोधित टिप्पणी की थी. फिर मैहर की टिप्पणी को लेकर सत्ता पक्ष को कांग्रेस पर हमला करने का पूरा मौका मिला. इसके अलावा पूर्व सीएम ने पिछले साल सत्ता जाने के संदर्भ में विंध्य क्षेत्र को भी जिम्मेदार ठहराया था.

अजय सिंह राहुल ने दी नसीहत 

इन दोनों टिप्पणियो से आहत पूर्व प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह राहुल ने पूर्व सीएम व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को जुबान पर नियंत्रण रखने की नसीहत दे डाली. अजय सिंह गुरुवार को अल्प प्रवास पर सतना के ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे थे. वहां उन्होंने अपने ही प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता को नसीहत दे डाली.

राहुल ने कहा कि, ''कांग्रेस सरकार गिरने के लिए विंध्य नहीं बल्कि सरकार बचाए रखने की खुद की जिम्मेदारी बताई. मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कमल नाथ को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए. ऐसे शब्द नहीं बोलें जिससे भाजपा को राजनीति करने का मुद्दा मिल जाए. उन्हें बयान देते समय संयम रखने की जरूरत है, क्योंकि मीडिया से चर्चा के बाद कई तरह से कयास लगाए जाने लगे हैं.

बता दें कि विंध्य क्षेत्र में अजय सिंह राहुल का व्यक्तित्व एक दबदबे वाले नेता के रूप में जाना जाता है. लेकिन गुटबाजी और आपसी कलह बार-बार सामने आने से पार्टी की जमकर किरकिरी हो रही है. अजय सिंह राहुल गुरुवार को सतना प्रवास के बाद तुरंत भोपाल के लिए रवाना हो गए लेकिन इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के भीतर एक बार फिर कलह की राजनीति को हवा दे दी है.

दो खेमे में विंध्य 

विंध्य क्षेत्र में अजय सिंह राहुल और कमल नाथ खेमा दो धड़ों में बंटा हुआ है. धरना- प्रदर्शन से लेकर चुनावी कार्यक्रमों में भी आपसी खींचतान साफ नजर आती है. तीन माह पूर्व जहां सतना शहर में अजय सिंह राहुल ने महंगाई के विरोध में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया था जिसमें करीब 25 हजार लोगों की भीड़ जुटी थी जबकि इस बड़े प्रदर्शन में शहर के ही इकलौते कांग्रेस विधायक नहीं पहुंचे थे. उन्हें कहीं न कहीं कमल नाथ गुट का करार दिया जाता है जिसके कारण अजय सिंह राहुल, दिग्विजय सिंह के कार्यक्रमों में जिले की कांग्रेस दो धुरों में बंटी नजर आती है.

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