MP: कविता सुनाने को लेकर दलित-सवर्णों में विवाद, 22 सवर्णों के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत हुई FIR

ग्वालियर भोपाल मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन भिंड के बिरखड़ी गांव के शासकीय हाईस्कूल से शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ने लगा है। मामला स्कूल में कविता सुनाने को लेकर उत्पन्न हुए विवाद  का है जिस पर दलितों ने गोहद चौराहा थाने का घेराव कर दिया था और सवर्ण समाज के 22 लोगों पर हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था, अब इसके विरोध में सवर्ण समाज ने भी एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया।

दलितों ने थाना घेरा, 22 सवर्णों के खिलाफ FIR
बता दें कि दलित और सवर्ण दोनों समाज ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया है। दरअसल 15 अगस्त के दिन बिरखड़ी गांव के शासकीय हाईस्कूल में कविता सुनाने को लेकर विवाद हो गया। कक्षा 9वीं के छात्र ने महिला शिक्षक अर्चना सोनी समेत गांव के दो दर्जन लोगों पर जातिगत गालियां देने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद दलित समाज के लोगों ने गोहद चौराहा थाने का घेराव कर लिया था और महिला शिक्षक समेत गांव के 22 लोगों पर मामला दर्ज करने का दबाव बनाया था। पुलिस ने दलितों के दबाव में छात्र की शिकायत पर महिला शिक्षक समेत 7 नामजद और 15 अज्ञात कुल 22 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

सवर्णों ने किया एसपी आॅफिस का घेराव
इस बात की खबर दूसरे दिन सवर्ण समाज के लोगों को लगी, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। सवर्ण समाज के लोगों ने भी एकजुट होकर एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। घेराव कर रहे लोगों का कहना था कि पुलिस ने दबाव में आकर फर्जी मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इधर एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने ये भी कहा कि जांच पूरी नहीं होने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। एसपी के आश्वासन के बाद सवर्ण समाज के लोगों का गुस्सा शांत हो सका और उन्होंने प्रदर्शन वापस लिया।