भोपालः सिरफिरे आशिक की सरेराह हुई चप्पलों से पिटाई, पीड़ित मॉडल की मां ने जड़ा थप्पड़

भोपाल मध्यप्रदेश

भोपाल के मिसरोद थाना अंतर्गत महिला को बंधक बनाकर उस पर जबरदस्ती करने, मारपीट करने और प्रताड़ित करने वाले आशिक रोहित सिंह का पुलिस ने जुलूस निकाला है. बता दें बीते शुक्रवार को रोहित सिंह नाम के युवक ने एक मॉडल को उसके ही घर में कैद कर लिया था. जिसके बाद वह लगातार महिला पर शादी का दबाव बना रहा था और उसके साथ मारपीट कर रहा था. जिसके चलते महिला को कई जगह चोटें आई थी. 12 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद महिला को बड़ी मुश्किलों के बाद युवक के चुंगल से छुड़ाया जा सका था. वहीं अब महिला के रेस्क्यू के बाद युवक को लेकर जनता में काफी आक्रोश है. यही नहीं पुलिस ने भी आरोपी के प्रति गुस्सा जाहिर किया है और उसका जुलूस निकाला है. जुलूस के रूप में पुलिस आरोपी को उसी अपार्टमेंट में लेकर गई जहां उसने महिला को कैद किया था.

आरोपी पर फूटा लोगों का गुस्सा
आरोपी को अपार्टमेंट में देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. कई लोगों ने आरोपी को पीटना शुरू कर दिया. अपार्टमेंट में मौजूद लड़कियों ने आरोपी पर जूते-चप्पल बरसाना शुरू कर दिया वहीं पीड़ित युवती की मां ने भी आरोपी को एक थप्पड़ जड़ा. बता दें जिस वक्त आरोपी मॉडल को कमरे में लेकर गया था और उसे बंधक बनाया था उस वक्त युवती के माता-पिता भी घर पर मौजूद थे, लेकिन युवक इतना शातिर था कि पिस्तोल तानकर वह लड़की को अपने साथ कमरे में ले गया और महिला के ऊपर कई वार किये.

पीड़िता की मां ने आरोपी को मारा थप्पड़
अपनी बच्ची को परेशानी में देख पीड़िता की मां आरोपी के सामने अपनी बच्ची को छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाने लगी, लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने युवती को नहीं छोड़ा और उसकी काफी पिटाई की. पुलिस रेस्क्यू के बाद अपनी बेटी की हालत देख पीड़िता की मां फूट-फूटकर रोने लगी. वहीं जब पीड़िता की मां ने आरोपी को अपने सामने देखा तो उनसे रहा नहीं गया और उसे वहीं जोर का थप्पड़ जड़ दिया.

आरोपी पर मामला दर्ज
आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने आरोपी पर महिला को कैद करके रखने और उसे जान से मारने की कोशिश करने के खिलाफ आरोपी पर धारा 307, 353, 332 IPC और पुलिस पर हमला करने के आरोप में पर IPC की धारा 307, 353, 332 के तहत दूसरा मामला दर्ज किया गया है. बता दें रोहित ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक पुलिस कर्मी के हाथ पर कैंची से वार कर दिया था.