मप्र में सरकारी मदद से हो रहा 100 साल पुराने राम मंदिर का पुनर्निर्माण

भोपाल

भोपाल। अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण का मसला भले ही सियासत और अदालतों में उलझा हो, लेकिन मध्यप्रदेश में 100 साल पुराने राम मंदिर के पुनर्निर्माण की जमीन तैयार हो गई। इंदौर जिले के धतूरिया ग्राम में भव्य मंदिर का निर्माण मकराना के बेहतरीन संगमरमर से कराया जाएगा। मंदिर बनाने का जिम्मा मप्र हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियरों को सौंपा गया है।

राम मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर एकजुट हुए धतूरिया गांव के किसान और ग्रामीण एक साल से इस मुहिम में जुटे हैं। इस मुहिम को उन्होंने सियासत से पूरी तरह दूर रखा है। ग्रामीणों का जत्था सरकारी मदद और अन्य औपचारिकताओं के लिए लगभग सवा साल से इंदौर-भोपाल में दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।

दस लाख लेकर पहुंचे भोपाल
राज्य के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के एक अधिकारी ने ग्रामीणों का जज्बा देख उन्हें मशविरा दिया कि पहले अपनी तरफ से कुछ काम करके दिखाओ। कुछ दिन बाद ही गांव के बुजुर्गों का दल भोपाल मंत्रालय जा पहुंचा और विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव की टेबल पर 10 लाख रुपए नकद रख दिए। ग्रामीण बोले और भी जितना पैसा लगेगा हम जुटाएंगे। आप तो बस अच्छे इंजीनियरों से काम करवा दें। हैरान प्रमुख सचिव ने उन्हें समझाया कि पैसा बैंक में जमा कराएं। इसके बाद मंदिर निर्माण का जिम्मा मप्र हाउसिंग बोर्ड को सौंपा गया।

मकराना से आएगा मार्बल
मंदिर की डिजाइन उज्जैन के प्रसिद्ध वास्तुविद से तैयार कराई गई है। देश में मार्बल खदानों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान के मकराना पत्थरों से मंदिर बनेगा। गर्भगृह और शिखर निर्माण के लिए मप्र हाउसिंग बोर्ड ने करीब 65-70 लाख रुपए का टेंडर तैयार किया है। डेढ़-दो माह में निर्माण शुरू हो जाएगा। अगले चरण में करीब एक करोड़ रुपए की राशि से डेड़ हजार वर्गफीट का विशाल सभा मंडप बनेगा।

पाई-पाई का हिसाब रखेंगे
मंदिर निर्माण मुहिम से जुड़े ग्रामीणों ने इस बात की शपथ पहले ली है कि पाई-पाई का पारदर्शी हिसाब रहेगा। भोपाल-इंदौर आने-जाने और दीगर खर्चे वे स्वयं उठाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए बनी समिति का नेतृत्व गोवर्धन सिंह पटेल को सौंपा गया। संतोष सरपंच, रामप्रसाद मकवाना और जिला पंचायत की कमान संभाल चुके हुकुम सिंह सांकला सहित सैकड़ों ग्रामीणों की फौज भी है जो मंदिर के लिए फावड़ा-तगारी उठाने को कमर कसे हुए हैं।

सरकार ने दिए 40 लाख
समिति सदस्य सांकला बताते हैं कि बुनियादी कामकाज पर 8-10 लाख रुपए खर्च हो चुके। ग्रामीणों ने करीब 30 लाख रुपए अब तक जुटाए हैं। मप्र धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग ने दो किस्तों में 40 लाख रुपए मंजूर कर दिए हैं।
एकजुट हुआ गांव: मोघे

ग्राम धतूरिया में राम मंदिर का निर्माण हाउसिंग बोर्ड के विशेषज्ञ इंजीनियरों की देखरेख में होगा। पूरा गांव एकजुट है ग्रामीणों का उत्साह काबिल-ए-तारीफ है। निर्माण में धर्मस्व विभाग का बड़ा सहयोग है।