रीवा: भाजपा के 15 पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफ़ा, आरोप- पार्टी में सिर्फ सवर्णों की पूछपरख1 min read

Madhya Pradesh Rewa

रीवा। आदिवासियों की हिमायती बनने वाली भाजपा पर पार्टी के ही हरिजन-आदिवासी नेताओं के साथ उपेक्षा का मामला सामने आया है। पार्टी में समान नहीं किये जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेश मंत्री, भाजपा अजा मोर्चा के जिला अध्यक्ष समेत 15 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

 15 हरिजन-आदिवासी पदाधिकारियों का इस्तीफा

पार्टी में सिर्फ सवर्णों की पूछपरख 

उद्योग मंत्री एवं भाजपा जिलाध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप 

सांसद, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमन्त्री की तारीफ़ 

हालांकि इस संबंध में जब भाजपा जिला अध्यक्ष से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। भाजपा में हरिजन आदिवासी नेताओं के साथ उपेक्षा का आरोप भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रामायण साकेत ने पत्रकारवार्ता में लगाया है। भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रामायण साकेत ने कहा कि रीवा में पार्टी के कुछ तथाकथित नेता ठेकेदारी करते हैं। वह अपने व अपने लोगों के लाभ के दृष्टिकोण से काम करते हैं।

यहां उनका इशारा सीधे तौर पर प्रदेश के मंत्री राजेंद्र शुल और उनके गुट की ओर था जिसने एक तरह से रीवा जिले की भाजपा पार्टी को बंधक बना रखा है तथा जहां पर सिर्फ उन्हंी सवर्णों की पूछपरख होती है जो ‘माननीयÓ के इशारों पर कठपुतली के जैसे नाचाते हैं। रामायण ने कहा कि यह भाजपा नेता दलित नेताओं जिन्हें पार्टी द्वारा पदाधिकारी बनाया गया, उनका अपमान करते हैं। रामायण ने कहा कि भाजपा के ये नेता नहीं चाहते कि हरजिन-आदिवासी कोई नेता आगे बढ़ें। वह चाहते हैं कि अजा-अजजा वर्ग के नेता केवल दरी बिछाने तक ही सीमित रहें।

रामायण ने बताया कि सोमवार को गढ़ में विधानसभा कार्यकर्ता समेलन बुलाया गया था। इस कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा के साथ ही सांसद, विधायक गिरीश गौतम व पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति मौजूद रहे। रामायण ने कहा कि मंच पर कई ऐसे कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया था, जिनका मंच में बैठने का स्तर नहीं था। इसके बावजूद उन्हें मंच में जगह दी गई जबकि अजा वर्ग के वह प्रदेश पदाधिकारी हैं। इतना ही नहीं जिला महामंत्री सरोज रावत व गंगेव जनपद अध्यक्ष ललित देवी साकेत भी थीं जिन्हें मंच में स्थान नहीं दिया गया।

रामायण ने कहा कि न तो माल्यार्पण न ही संबोधन में नाम लिया, जबकि वह पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ ही पिछले 20 वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी के कथित स्वयंभू नेताओं द्वारा असर अपमान किया जाता है, इसलिए वह सब दुखी हैं। ऐसे कृत्य से पार्टी को नुकसान पहुंचता है। इसलिए भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष को पत्र भेज कर पद से इस्तीफा दे दिया है।

रामायण ने सांसद जनार्दन मिश्रा व मुयमंत्री व पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी अच्छी है। उसकी योजनाएं अच्छी हैं, इसलिए वह पार्टी के लिए साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुचाने का काम करेंगे। रामायण ने भाजपा जिलाध्यक्ष विद्या प्रकाश श्रीवास्तव पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने चुनौती दिया कि जिला अध्यक्ष बताएं कि पार्टी को कितने वोट दिलाते हैं हम चौगुना दिलाएंगे।

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