संवर्ण आन्दोलन के खिलाफ उठी आवाज को दबाने के लिए , भाजपा ने चली ये चाल..1 min read

Madhya Pradesh

भोपाल। एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ प्रदेश में तेजी बढ़ रहे आंदोलन को देखते हुए भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को साध कर मध्यस्थ बनाने की कवायद शुरू की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस में भाजपा के आेबीसी वर्ग के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद भाजपा सांसद प्रहलाद पटेल ने मीडिया से कहा कि पिछड़ा वर्ग हमेशा से सामान्य वर्ग और एससी-एसटी के बीच एक कड़ी का काम करता रहा है। और यही जिम्मेदारी वह फिर निभाएगा।

भाजपा ओबीसी मोर्चा हर जिले में जनजागरण संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ चर्चा की जाएगी। पिछड़ा वर्ग के इन सम्मेलनों में एससी-एसटी के साथ सामान्य और ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। प्रहलाद पटेल ने कहा कि इस समय बेवजह का आंदोलन पैदा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन समाज में सही तथ्य लेकर उनका भ्रम मिटाया जाएगा। उधर भाजपा ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के आभार में संभागीय सम्मेलनों का भी आयोजन करेगा।

प्रहलाद पटेल ने बताया कि १० सिंतबर को पहला सम्मेलन सतना में होगा। उसके बाद प्रत्येक संभाग में यह सम्मेलन किए जाएंगे। सीएम पर हमला, ओबीसी के सम्मान पर चोंट प्रहलाद पटेल ने कहा कि सीधी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हुआ हमला पिछड़े वर्ग के सम्मान पर चोंट है। सीएम हाउस में हुई बैठक में भाजपा ओबीसी मोर्चा ने इस पर निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। ओबीसी मोर्चा मुख्यमंत्री पर कांग्रेसियों के हमले की साजिश के बारे में भी लोगों को बताने का काम करेगा।

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