सवर्ण आंदोलनः मध्य प्रदेश के इन जिलों में लागू हुई धारा 1441 min read

Gwalior Madhya Pradesh

ग्वालियरः मध्य प्रदेश में एससी-एसटी एक्ट के मूल रूप से बहाल किये जाने के बाद से सवर्ण समाज में फैले आक्रोश और ग्वालियर में आंदोलन को देखते हुए भिण्ड और शिवपुरी में धारा 144 लागू कर दी गई है. कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में 6 सितंबर को सवर्ण समाज के संभावित बन्द को देखते हुए लिया यह निर्णय लिया गया है. बता दें सोशल मीडिया पर भारत बंद की खबरें जोरों से फैल रही हैं. ऐसे में इंटरनेट की सेवा भी बंद करने के आदेश कलेक्टर द्वारा दिये गए हैं. कलेक्टर आशीष गुप्ता द्वारा जारी आदेश में किसी भी तरह की हिंसात्मक घटनाएं तूल न पकड़ें इसलिए उन्होंने जिले में धारा 144 लागू करने का निर्णय लिया है.

सवर्ण समाज SC/ST बिल का कर रहा विरोध
इस दौरान लोगों का एक गुट बनाकर चलने, भीड़ और जुलूस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस-प्रशासन नजर बनाए रखेगा. दरअसल, एससी-एसटी एक्ट संबंधित बिल संसद मे पेश होने के बाद से सवर्ण समाज के लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है. सवर्ण समाज के लोग अपने-अपने तरीके से इस बिल का विरोध कर रहे हैं. इसी कड़ी में 6 सितंबर को सवर्ण समाज द्वारा बंद का आह्वान भी किया गया है. सरकार को जैसे ही मध्यप्रदेश में सवर्णों के आक्रोश और भारत बंद की सूचना मिली इससे निजात पाने के तरीके के तौर पर धारा 144 लगा दी गई.

ग्वालियर-चंबल जिले में जमकर हिंसा
बता दें इससे पहले अप्रैल माह में एससी-एसटी वर्ग द्वारा भारत बंद के दौरान प्रदेश में काफी हिंसा फैल गई थी. जिसके चलते इस बार प्रशासन इस तरह की किसी भी अनचाही घटना से बचने के लिए सभी जिलों में एलर्ट जारी कर दिया गया है. ग्वालियर और चंबल अंचल को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है. इस लिहाज से यहां ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है. बता दें 2 अप्रैल को हुए भारत बंद के दौरान ग्वालियर-चंबल जिले में जमकर हिंसा हुई थी. इस हिंसा मे अकेले भिंड में ही चार लोगों की जान चली गई थी.

धरना, जुलूस और सभा पर प्रतिबंध
एक बार फिर से बंद के आह्वान को लेकर जिले का पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. 6 सितंबर को किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं. कलेक्टर आशीष गुप्ता ने एहतियात के तौर पर आज से ही जिले मे धारा 144 लागू कर दी है. इस दौरान जिले में किसी भी प्रकार के धरना, जुलूस और सभा पर प्रतिबंध रहेगा. इसके साथ ही पुलिस-प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है. सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

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