विंध्य में हुई बड़ी दुर्घटना : रेल पुल टूटा, दर्जनभर लोग दबे….1 min read

Madhya Pradesh Satna

सतना रेलवे स्टेशन को शनिवार दोपहर मिली एक सूचना से हड़कंप मच गया। कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक हरकत में आ गए। सभी आनन-फानन में मौके की ओर रवाना हुए। सूचना थी कि सतना-रीवा रेलखंड के बीच जमुना पुल का गार्डर टूटकर गिर गया, जिससे एक दर्जन लोग दबे हुए हैं और सतना-रीवा रेलखंड पूरी तरह से बाधित हो गया है।

इसके बाद आपातकालीन हूटर बजाया गया और अधिकारी-कर्मचारी भागते हुए स्टेशन पहुंचे और 15 मिनट के अंदर राहत दल को एएमआरवी में सवार कर मौके की ओर रवाना कर दिया गया। एएमआरवी 30 मिनट में मौके पर पहुंची, तो नजारा देख सभी हैरान हो गए। सबकुछ सामान्य था, बाद में पता चला कि रेलवे ने मॉक ड्रिल की थी, जो सफल रही।

ये है मामला
दरअसल, डीआरएम डॉ. मनोज सिंह सतना-रीवा के दौरे पर थे। वे निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान स्थानीय अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। तभी कंट्रोल से सूचना आई कि जमुना पुल का गार्डर टूट गया है और लोग दबे हुए हैं। तत्काल राहत दल को रवाना किया जाए। सतना स्टेशन मास्टर को सूचना मिलते ही आपातकालीन हूटर बजाया गया। इसके बाद डीआरएम के निरीक्षण में शामिल अधिकारियों सहित अन्य स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई।

एएमआरवी को मौके की ओर रवाना

सभी स्टेशन को संपर्क कर हूटर का कारण जाने और उसके बाद भागते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे। आनन-फानन में एएमआरवी को मौके की ओर रवाना किया गया। वहीं आरपीएफ व रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी दलबल के साथ घटना स्थल को रवाना हुए। जब सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो वहां न तो कोई गार्डर गिरा हुआ दिखा और न ही कोई घायल नजर आए।

…तो सभी ने राहत की सांस ली
मौके पर मौजूद रेलकर्मियों से घटना के बारे में पूछा, तो पता चला कि एेसी घटना जमुना पुल पर नहीं हुई। अधिकारियों को लगा कि कहीं और हादसा हुआ होगा और जानकारी लेने के लिए सतना-रीवा के बीच के सभी स्टेशनों के फोन घनघनाने लगे। कुछ देर बाद मॉक ड्रिल का पता चला, तो सभी राहत की सांस ली। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ब्रिज का जायजा लेकर ही वापस लौटे।

1.50 बजे रवाना हो गई एएमआरवी
जमुना पुल तुर्की स्टेशन से 6 किमी पहले है और सतना से इसकी दूरी 35 किमी है। बताया गया कि सतना स्टेशन में हादसे का हूटर दोपहर 1.35 पर बजा। हादसे में लोगों के घायल होने की सूचना पर सबसे पहले स्टेशन अधीक्षक एमआर मीणा ने एक्सीडेंटल मेडिकल रिलीफ ट्रेन (एएमआरवी) को डॉक्टर व स्टॉफ के साथ रवाना किया। यह ट्रेन 1.50 पर रवाना हो सकी। यह ट्रेन करीब 30 मिनट में हादसा स्थल पर पहुंच गई। एएमआरवी के रिस्पांस टाइम पर अधिकारियों ने संतोष जताया। एएमआरवी के बाद एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन (एआरटी) को भी रवाना किया जाना था, लेकिन मॉक ड्रिल की खबर आते ही रोक दी गई। उधर, कटनी से भी एआरटी रवाना होने वाली थी जिसे मना कर दिया गया।

मोटरसाइकिल से पहुंचे अधिकारी
बताया गया कि जिस वक्त हादसे की सूचना आई डीआरएम डॉ. मनोज सिंह तुर्की स्टेशन का जायजा ले रहे थे। उनके साथ सतना से एडीइएन राजेश पटेल, टीआई प्रदीप अवस्थी, सीनियर डीएसओ, एमएई, पीडब्ल्यूआई आदि अधिकारी भी मौजूद थे। हादसे की खबर के बाद घटना स्थल पर जाने के लिए बड़ा वाहन नहीं था। आनन-फानन में सभी अधिकारी मोटर साइकिल में तीन सवारी बन जमुना पुल पहुंचे। आरपीएफ प्रभारी मानसिंह ने बताया कि तुर्की से आरपीएफकर्मी भी बाइक से पहुंचे बाद में सतना से भी स्टाफ बुलाया गया।

क्यों हुआ यह मॉक ड्रिल
रेलवे के जानकारों ने बताया कि मानसून के मौसम के दौरान रेल पुल संवेदनशील हो जाते हैं। बारिश शुरू होने से पहले सभी पुलों के रखरखाव और नियमित पेट्रोलिंग के मंडल से निर्देश दिए थे। बीते माह चीफ ब्रिज इंजीनियर ने भी सतना-रीवा के पुलों का निरीक्षण किया। रेलवे यह देखना चाहता था कि आपात स्थिति में सतना एरिया की तैयारी कितनी पुख्ता है। बताया गया कि मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही।

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