उच्च न्यायालय का आदेश नहीं मान रहे निजी विद्यालय, 100 प्रतिशत फीस वसूली का दबाव, पालकसंघ ने ली कानूनी सलाह

निजी विद्यालयों पर प्रदेश सरकार की नकेल, अब प्रायवेट स्कूल नहीं बढ़ा पायेंगे मनमानी फीस

भोपाल मध्यप्रदेश

निजी विद्यालयों पर प्रदेश सरकार की नकेल, अब प्रायवेट स्कूल नहीं बढ़ा पायेंगे मनमानी फीस

भोपाल। प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों की फीस का मामला आये दिन उठता रहता है। कई बार तो यह मामला प्रशासन से शिकायत के बाद भी नही सुलझने पर न्यायालय तक पहुंच चुका है। जिस पर न्यायालय ने कई आदेश भी जारी कर चुका है। प्रायवेट स्कूलों पर नकेल कसने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग इसके लिए नया नियम तैयार किया है।

निजी स्कूलों पर प्रदेश सरकार की नकेल, अब प्रायवेट स्कूल नहीं बढ़ा पायेंगे मनमानी फीस

अब निजी विद्यालय फीस बढाने का पूरा कंट्रोल राज्य सरकार को होगा। राज्य और कलेक्टरों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति निजी स्कूलों की फीस तय करेगी.

नये नियम में कई नये प्रावधान

जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने नियम में संसोधन करते हुए फीस बढ़ाने वाले कानून में नये प्रावधान जोड दिये गये हैं। तहत निजी स्कूल हर साल 10 से 15 फीसद से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। ऐसे में देखा यह गया कि हर वर्ष निजी विद्यालय फीस बढ़ाकर अभिभावकों पर बोझ डाल रहे थे।

लेकिन अब सरकार ने नये प्रावधानों को सम्मलित करते हुए मनमानी फीस बढाने पर 2 लाख रूपये का अर्थदंड निश्चित किया है। वही शिकायत सही मिलने पर इसे दोगुना किया जायेगा। फीस बढ़ाने के पूर्व हर स्कूल को अपनी आमदनी और खर्चे का हिसाब किताब दिखाना आवश्यक कर दिया गया है।

इसी के आधार पर निर्णय लिया जायेगा कि फीस बढाई जाय या नही। स्कूल किसी दुकान विशेष से पाठ्यक्रम की किताबें एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिए दवाब नहीं बनाएंगे।

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