बड़ी खबर : मध्यप्रदेश में मडरा रहा ये संकट, पढ़िये1 min read

Madhya Pradesh

भोपालः मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं। सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं करके प्रदेश की जनता को हर तरह से लुभाने का प्रयास कर रही है। लेकिन, काम धरातल पर बड़ी धीमी गति में आ गया है। इसके पीछे बड़ा कारण यह सामने आया कि, राज्य सरकार का खजाना खाली है। विपक्ष सरकार पर लंबे समय से प्रदेश में आर्थिक संकट होने का दावा कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ तो प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह को ओवर ड्राफ्ट जारी करने के लिए पत्र भी लिख चुके हैं। हांलाकि, शिवराज अब तक मौन हैं। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह बात भी सामने आई है कि, फिलहाल सरकार के खजाने में सिर्फ इतना ही धन बचा है, जिससे वह कर्मचारियों को सिर्फ तीन महीने तक ही वेतन दे सकती है।फिलहाल, मध्य प्रदेश के वित्तमंभी जयंत मलैया ने बिगड़ी स्थितियों पर चुप्पी तोड़ते हुए विपक्ष और मीडिया द्वारा पूछे जा रहे स्थितियों के सवाल पर जवाब दिया।

वित्तमंत्री ने बताई यह वजह

मंत्री मलैया ने बताया कि, प्रदेश में आर्थिक संकट की स्थिति तो नहीं है, लेकिन खज़ाने में नियमित से कुछ कमी ज़रूर है। इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि, अब तक सरकार द्वारा जितने भी काम कराए गए हैं। उतनी आमदनी सरकार की नहीं हो पा रही है। यानि कम आमदनी और ज्यादा खर्चों के कारण प्रदेश में आर्थिक संकट के हालात उतपन्न हो रहे हैं। मंत्री मलैया ने कहा कि, हालांकि इसपर सरकार का चिंतन जारी है, जल्दी ही स्थितियों को नियंत्रित कर लिया जाएगा।

विपक्ष ने उठाए सवाल

वित्तमंत्री के बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। इधर कांग्रेस ने सरकार पर हमलावर रवैय्या अपनाते हुए प्रदेश की जनता से कहा कि, कांग्रेस इस तरह की स्थितियों को लेकर कई बार सचेत कर चुकी है। कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि, महंगाई बढ़ती जा रही है। पेट्रोल-डीज़ल के दाम अपने चरम पर जा पहुंचे हैं। प्रदेश सरकार इसपर सबसे ज्यादा टेक्स वसूल रही है, जिसे कम करने से एमपी के वित्तमंत्री जयंत मलैय्या पहले ही साफ इंकार कर चुके हैं। विकास ज़मीन पर दिख नहीं रहा है। लेकिन सरकार कह रही है कि, खर्चे ज्यादा होने के चलते इस तरह की स्थितियां बनी हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सरकारी खजाना खाली होने की बड़ी वजह सीएम द्वारा चुनाव जीतने की होड़ में जगह-जगह की गई घोषणाएं हैं। अब पैसों की कमी के चलते योजनाएं तो अधर में लटकी ही हैं, खज़ाना भी खाली हो गया है।

कमलनाथ भी कर चुके हैं श्वेत पत्र जारी करने की मांग

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। कुछ दिन पहले अपनी ओर से जारी बयान में उन्होंने सीएम शिवराज को आगाह करते हुए कहा था कि, प्रदेश बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसा ही चलता रहा तो ओवर ड्राफ्ट की स्थिति बन सकती है। अभी ओवर ड्राफ्ट के पहले की वेज एंड मीन्स की स्थिति बनने जा रही है। इससे पहले कमलनाथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति के संबंध में सीएम को श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी कर चुके हैं। हालांकि, इसपर शिवराज की तरफ से कोई जवाब अब तक सामने नहीं आया है। कमलनाथ यह भी आरोप लगा चुके हैं कि, शिवराज करोड़ों रूपए खुद की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर खर्च कर चुके हैं। नाथ ने प्रदेश की वित्तीय हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि, प्रदेश पर आज करीब पौने दो लाख करोड़ का कर्ज है। इस वित्तीय वर्ष में तीन बार सरकार बाजार से कर्ज ले चुकी है।

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