CM Helpline में नहीं हुआ समाधान तो खुद हरकत में आ गए सीएम, गिरी अधिकारी-कर्मचारियों पर गाज

Madhya Pradesh

बड़वानी. सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने ऐसा मैसेज डाला कि खुद सीएम हरकत में आ गए। शिकायतकर्ता को बड़वानी से भोपाल बुलाया गया।इसके बाद मामले की जांच भी हुई और गड़बडिय़ां में सामने आई। धार के कलेक्टर दीपक सिंह को भी भोपाल बुलाया गया। सीएम का सीधा हस्तक्षेप हुआ तो हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी के अलावा चार बाबूओं पर गाज भी गिर गई।

मामला बड़वानी और धार जिले का है
मामला बड़वानी और धार जिले का है। दरअसल शिकायतकर्ता ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी योगेंद्र राठौर के पिता डोंगरसिंह राठौर की मृत्यु के बाद उनके मकान का नामांतरण उनकी पत्नी यानी योगेंद्र की माता सुमन देवी के नाम किया जाना था। लेकिन हाउसिंग बोर्ड से संबंधित सभी काम धार जिले में होते हैं। बोर्ड का कार्यालय धार में ही है। ऐसे में योगेंद्र ने नामांतरण के लिए आवेदन दिया। लेकिन धार में बैठे अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। योगेंद्र ने बताया कि 16 जनवरी को नामांतरण के लिए आवेदन दिया गया था। तीन माह तक बोर्ड कार्यालय ने कोईकार्रवाई नहीं की।यहां तक कि अखबारों में विज्ञप्ति तक जारी नहीं की। ऐसे में योगेंद्र ने सीएम हेल्प लाइन पर एक मार्च को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बोर्ड प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी की। लेकिन विज्ञप्ति जारी होने के बाद फिर एक बार बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों ने चुप्पी साध ली। जबकि विज्ञप्ति के जारी होने के बाद नामांतर शुल्क जमा कराने के लिए योगेंद्र को बुलाया जाना था। लेकिन बोर्ड प्रशासन ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। इसके बाद फिर योगेंद्र ने सीएम ऑफिशियल पेज(समाधान ऑनलाइन) पर शिकायत दर्जकी ।



इस मैसेज से मची खलबली
योगेंद्र ने बताया कि जब बोर्ड प्रशासन ने कोई कार्रवाईनहीं कि तो उन्होंने सीएम के पेज समाधान ऑन लाइन पर सीधे शिकायत दर्ज की।जिसमें उन्होंने मैसेज डाला कि ‘समाधान नहीं हो सके तो हेल्पलाइन बंद कर दीजिए।जनता का पैसा बर्बाद न करें समस्याओं का समाधान नहीं होता तो इसका प्रचार प्रसार भी गलत न करें।इस मैसेज के बाद भोपाल में खलबली मच गई और भोपाल में हेल्पलाइन डेस्क सक्रिय हुई और योगेंद्र से संपर्क साधना शुरू हुआ।सीएम आवास कार्यालय से भी योगेंद्र से संपर्क किया गया और सारी जानकारी ली गई।

भोपाल से लिया गया आठ दिनों का समय
सीएम आवास कार्यालय से आठ दिन का समय लिया गया और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।लेकिन इन आठ दिनों में भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। 28 मई को सीएम आवास कार्यालय से फिर योगेंद्र से संपर्क किया गया। यह पूछा गया कि आपका काम हुआ या नहीं। जवाब नहीं में मिलने के बाद टीम ने धार कलेक्टर से चर्चा की और उन्हें भी मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा। योगेंद्र को भी भोपाल आने के लिए कहा गया।योगेंद्र और उनकी पत्नी रिता राठौर अपने बच्चों के साथ भोपाल पहुंचे।

बैकडेट में जारी कर दिया आदेश
28 मई को योगेंद्र से बात करने के बाद सीएम आवास की टीम ने धार कलेक्टर दीपक सिंह को फोन करके जानकारी दी। इस पर कलेक्टर की फटकार के बाद अधिकारियों ने 21 मई का आदेश जारी कर दिया।जबकि 28 तक योगेंद्र को जानकारी ही नहीं थी। योगेंद्र ने यह लेटर सीएम कार्यालय के नंबर पर भेज दिया। इसके बाद मामले की पूरी जांच के आदेश दिए गए और कलेक्टर को भोपाल तलब किया गया।सीएम शिवराज सिंह चौहान ने खुद योगेंद्र से मामले की जानकारी ली।उनके सामने ही कलेक्टर दीपक सिंह को भी बुलाया गया। बकौल योगेंद्र, धार कलेक्टर ने सीएम के सामने कबूल किया कि अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने आदेश ही गलत निकाला है।आवक जावक में गड़बड़ी की गई। इस पर सीएम ने कहा यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। बताया जाता हैकि इस मामले में हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी और चार बाबूओं पर गाज गिरी है।इन सभी को निलंबित कर दिया गया है।



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