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कर्ज में डूबता जा रहा मध्यप्रदेश, खबर पढ़ रह जाएंगे दंग, पढ़िए…

भोपाल मध्यप्रदेश

कर्ज में डूबता जा रहा मध्यप्रदेश, खबर पढ़ रह जाएंगे दंग, पढ़िए…

भोपाल। प्रदेश में भाजपा की कि चौथी बार सरकार बनीं है। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने मध्यप्रदेश को लगातार कर्ज कर बोझ में डुबो दिया है। शिवराज सरकार ने एक बार फिर 1000 करोड़ का कर्ज लिया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में आज कर्ज देने वाले बिडर्स की खुली बोली में सरकार ने ये कर्ज 12 साल के लिए लिया है. इसके पीछे बीजेपी ने आर्थिक स्थिति अच्छी न होने का हवाला दिया है. इस फायनेंशियल ईयर में 7 माह में शिवराज सरकार ने 8500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है. इस हिसाब से हम देखें तो अब तक हम पर 10 हजार करोड़ का कर्ज हो चुका है।

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हालांकि बीजेपी सरकार बनने के बाद प्रदेश पर 10 हजार करोड़ कर्ज का बोझ पड़ चुका है. मार्च महीने में भी शिवराज सरकार ने सिर्फ 7 दिनों में 750-750 करोड़ के दो बार कर्ज लिए थे. कोरोना संकट की वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में कुछ राशि जीएसटी की दी है. इसके अलावा केंद्र ने राज्य को लगभग साढ़े 14 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेने की सशर्त अनुमति भी पहले से दी हुई है।

कोरोना संक्रमण की वजह से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. सरकार का कहना है कि न तो निर्माण कार्य गति पकड़ पा रहे हैं और न ही औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर आई हैं. इसके कारण करों से होने वाली आय घटी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार बजट का आकार लगभग 28 हजार करोड़ रुपये घटाकर दो लाख पांच हजार करोड़ रुपये से कुछ अधिक रखा है।

हालात ये है की दो साल पहले प्रदेश में रही कांग्रेस सरकार ने मध्यप्रदेश का खजाना खाली बताया था। ऐसे में अब शिवराज सिंह ने कर्ज लेकर प्रदेश को कर्ज में डुबो दिया है। विपक्ष आरोप लगा रहा है।कि यह पैसे चुनाव में इस्तेमाल करने के लिए लिए गए हैं।

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