रेलवे का बड़ा कदम: AC ट्रेनों के लिए आया नया नियम, पढ़िए पूरी खबर

बड़ी खबर : अगर अब आपकी सीट हुई RAC तो आपको होगा फायदा, जानिये कैसे ?

मध्यप्रदेश

रेलवे हुआ बदलाव जानिए मामला

टिकट की किराया राशि को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। बर्थ का पूरा पैसा लेकर केवल बैठने की जगह देने पर रेलवे को आधी राशि वापस देनी होगी। हाउसिंग कॉलोनी धनबाद निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता सह अधिवक्ता राम पुनीत चौधरी द्वारा दायर एक मामले की सुनवाई के बाद फोरम ने धनबाद रेल मंडल प्रबंधन को आरएसी सीट पर यात्रा करने के कारण आधी राशि 285 रुपये वापस करने का आदेश दिया है। साथ ही सफर के दौरान हुई मानसिक प्रताड़ना व कोर्ट खर्च के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना भी रेलवे पर लगाया है।

जानिये मामला
27 मार्च 2018 का ट्रेन संख्या 13329 गंगा दामोदर एक्सप्रेस से द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी का टिकट लिया था। टिकट वेटिंग लिस्ट में थी। यात्रा के दिन जब रेलवे के द्वारा आरक्षण चार्ट जारी किया गया तो उस वक्त चौधरी का टिकट आरएसी-41 हो गया। उन्हें वातानुकूलित श्रेणी में केवल बैठने का स्थान मिला। उन्होंने फोरम में शिकायत की कि बर्थ का पूरा किराया लेने के बाद भी रेलवे की ओर से उन्हें पूरी सेवा नहीं दी गई। रेलवे की ओर से जवाब दिया गया कि आरएसी के नियमों के तहत यात्रा प्रारंभ करते वक्त यात्री को बैठने का स्थान दिया जाता है और बर्थ खाली होने की स्थिति में बर्थ दी जाती है। यदि यात्री आरएसी टिकट पर यात्रा नहीं करना चाहते हैं, तो वे अपना टिकट रद करा सकते हैं। दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। पूरी सुनवाई के बाद फोरम ने अपने फैसले में इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ बताया और कहा कि रेलवे द्वारा दिए गए तर्क को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। फोरम ने टिकट की आधी राशि 285 रुपये चौधरी को वापस करने के साथ ही वाद खर्च व मानसिक यातना के लिए पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया।