रीवा सहित कई जिलों में होने वाली है भारी बारिश, सिर्फ इतने दिनों का इंतज़ार1 min read

Madhya Pradesh Rewa

भोपाल। दो दिन बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरे प्रदेश में बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम काफी स्ट्रांग पोजीशन में है। इसका असर छत्तीसगढ़ में दिख रहा है। मंगलवार को ये मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। इसके बाद एक बार फिर से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में जबलपुर, सागर संभाग के कुछ जिलों में हल्की और तेज बारिश हुई है। वहीं अगले 24 घंटे में जबलपुर, होशांगाबाद, सागर, रीवा, शहडोल, भोपाल. इंदौर एवं उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी सिस्टम बन गया है। य़े उड़ीसा होते हुए छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। 14-15 अगस्त से प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। भोपाल में ये अपना असर 16-17 अगस्त तक ही दिखाएगा। लेकिन, इससे पहले भी हल्की और तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

सतपुड़ा डैम के गेट खोले गए

बारिश के बाद सतपुड़ा डैम लबालब भर गया। इस कारण डैम के तीन गेटों से पानी छोड़ा गया। डैम के छोड़े पानी से सारनी चोपना मार्ग पर बना नांदिया घाट पुल बंद हो गया। दूसरी परेशानी घोड़ाडोंगरी मार्ग पर बने सिवनपाट पुल की थी। इस के ऊपर से भी पानी भर गया। थोड़ा पानी होने पर लाेग पैदल तो निकल गए, लेकिन वाहन पूरी तरह से बंद रहे। शनिवार को 9 घंटे तक यह रास्ता पूरी तरह बंद रहा। सतपुड़ा डैम का जलस्तर 1430 फीट से ज्यादा बढ़ने पर गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। शुक्रवार रात छिंदवाड़ा क्षेत्र में बारिश के बाद काफी पानी यहां पहुंचा। इससे डैम का जलस्तर बढ़ गया। दोपहर 12 बजे डैम प्रबंधन ने हूटर बजाकर 3 गेटों को 1-1 फीट हाइट तक खोला गया। पानी छोड़े जाने के बाद चोपना मार्ग बंद होना तय होता है। इस स्थिति में इसे पार करना खतरे से खाली नहीं होता। मगर, इमरजेंसी में आना-जाना करना ही पड़ता है। शनिवार को रास्ता बंद था जो रात 9 बजे तक खुल नहीं पाया था।

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