मध्यप्रदेश : भाजपा का नया चुनावी कॉन्सेप्ट तैयार, इन पर रहेगा पूरा फोकस

मध्यप्रदेश

भोपाल. प्रदेश में चौथी बार भाजपा सरकार बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनभागीदारी से सरकार की थीम पर समृद्ध मध्यप्रदेश का कॉन्सेप्ट लांच किया है। उन्होंने मंत्रियों और वरिष्ठ अफसरों से 10 अगस्त तक इसका रोड मैप मांगा है। बताया जा रहा है कि अगले दो महीने में मुंबई और गुजरात की बड़ी इवेंट कंपनियां इस डॉक्यूमेंट पर ब्रांडिंग शुरू कर देंगी।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को बैठक में अफसरों से कहा कि आप लोग विभाग के बजट के अतिरिक्त ऐसी योजना बनाएं, जिनमें दूसरे माध्यम से पैसा लाया जा सके। कोई अच्छा आइडिया देता है तो उसे मैं 15 अगस्त के भाषण में शामिल कर लूंगा।

स्मार्ट के कॉन्सेप्ट पर होगा ज्यादा काम
सीएम ने कहा मैं समृद्ध मध्यप्रदेश बनाऊंगा। इसमें सरकार उन उद्योगपतियों को रियायत देगी, जो स्थानीय रोजगार देंगे। स्वरोजगार, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल सहित स्मार्ट सिटी के कॉन्सेप्ट पर ज्यादा काम होगा। बजट के लिए जनता से राय लेंगे।

जनभागीदारी वाली योजनाएं लाओ
सीएम ने बैठक के पहले वित्त मंत्री जयंत मलैया से अलग चर्चा की। इसमें वित्त मंत्री ने खजाने को खस्ताहाल बताया। इस पर सीएम ने कह दिया कि जनभागीदारी वाली योजनाओं को तैयार किया जाए। बैठक में सीएम ने कहा- पैसा नहीं होने से कोई काम नहीं रुक सकता।

दिल्ली पहुंचे सीएम, मिलेंगे मंत्रियों से
शिवराज बुधवार शाम को दिल्ली रवाना हो गए। वहां गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री से शिवराज 1600 करोड़ की साख सीमा बढ़ाने की मांग करेंगे, ताकि और कर्ज लिया जा सके। नॉफेड से अभी तक 8562 करोड़ में से 2620 करोड़ नहीं मिले हैं। इस राशि को जल्द देने की मांग भी की जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री से जीएसटी का रुका हुआ पैसा और अन्य रुके बजट की मांग की जाएगी।

लंदन से बेहतर बनेगा एमपी
नवंबर में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अगले दो महीने में समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए बड़ा कैम्पेन चलेगा। शहर से गांव तक इसके लिए ब्रांडिंग कार्यक्रम होंगे। इसके जरिए सरकार विपक्षी दल कांग्रेस के लिए ऐसा कोई वादा या विजन नहीं छोडऩा चाहती, जो वह जनता को पेश कर सके।

इसके तहत मध्यप्रदेश को लंदन से बेहतर बनाने के लिए विभागों को योजनाएं बनाने के लिए कहा है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, रोजगार, उद्योग, प्रशासन, पर्यटन, ग्रामीण-शहरी विकास से लेकर सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनेगा।