रक्षाबंधन में बाहर से आने वालो के लिए मध्यप्रदेश में नया नियम, पढ़िए नहीं होगी देरी

रक्षाबंधन में बाहर से आने वालो के लिए मध्यप्रदेश में नया नियम, पढ़िए नहीं होगी देरी

मध्यप्रदेश

रक्षाबंधन में बाहर से आने वालो के लिए मध्यप्रदेश में नया नियम, पढ़िए नहीं होगी देरी

मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरेंटाइन सेन्टर्स पर भोजन, पानी तथा स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिससे यहाँ भर्ती लोगों को शिकायत का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बाहर से आनेवाले लोगों की स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था सभी जिला कलेक्टर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की सतर्कता रखी जाये, जिससे किसी भी जिले में लॉकडाउन की स्थिति अब न बने। मुख्यमंत्री चौहान रविवार को चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री चौहान ने जबलपुर तथा राजगढ़ जिले की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि कोरोना से बचाव की सावधानियाँ जैसे मास्क पहनना, सैनेटाईजेशन और फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाये। उन्होंने अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। बैठक में जानकारी दी गई कि जबलपुर में कोरोना से ग्रस्त हुए गंभीर बीमारियों के मरीज भी कोरोना से उबरे हैं। इनमें नुसरत परवीन दस दिन वेन्टीलेटर पर रहने के बाद भी कोरोना से मुक्त हुई। इसी प्रकार कैंसर से ग्रस्त बलराम जसवानी तथा हृदय रोग से पीड़ित रेवाराम ने भी कोरोना को परास्त किया।

रेपिड एन्टीजेन टेस्ट आरंभ

वीडियो कांफ्रेंस में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कोरोना के रेपिड एन्टीजेन टेस्ट की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। प्रदेश में 31 जुलाई को 507 तथा एक अगस्त को 1021 टेस्ट किये गये। इससे कोरोना प्रभावित व्यक्तियों का त्वरित चिन्हांकन संभव होगा।

कान्टेक्ट हिस्ट्री और सेम्पलिंग पर विशेष ध्यान दें

सभी जिलों को कोरोना टेस्ट की सेम्पलिंग बढ़ाने और कोरोना प्रभावित व्यक्तियों की कान्टेक्ट हिस्ट्री को चिन्हित कर सम्पर्क में आये व्यक्तियों की जाँच आदि की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिये गये। सभी जिलों में क्राईसेस मैनेजमेन्ट ग्रुप द्वारा कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा और तदृनुसार प्रबंधन सुनिश्चित करने संबंधी जानकारी भी ली गई।

एम्बुलेंस व्यवस्था

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मरीज तक एम्बुलेंस कितने समय में पहुँचती है इसकी निगरानी आवश्यक है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने जानकारी दी कि सभी जिलों में एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था है तथा कलेक्टर्स को आवश्यकता होने पर अतिरिक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के लिये राशि भी उपलब्ध कराई गई। इसी तारतम्य में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वेंटीलेटर सहित उपचार के लिये आवश्यक अन्य सभी मशीने पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।

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बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि हमीदिया अस्पताल में कोरोना मरीजों के प्रबंधन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। भोपाल के एलएन मेडिकल कॉलेज, जे.के. मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना उपचार की व्यवस्था आरंभ हो गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, नीमच, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, रायसेन, रीवा, सीहोर, बैतूल, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी आदि जिलों में कोरोना की स्थिति और नियंत्रण एवं उपचार के किये जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।

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