लोकायुक्त के छापे में मिले सोने के बिस्कुट और करोड़ों के जेवरात

मध्यप्रदेश

छापों के बाद जारी मूल्यांकन के दौरान नगरीय निकाय के कर्मचारी की कथित भ्रष्टाचार से बनाई संपत्ति बढ़कर लगभग पांच करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को यह खुलासा किया। इस चतुर्थ श्रेणी कर्मी और उसके नजदीकी परिजनों के 16 बैंक खातों में पिछले तीन साल में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं।

लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर नगर निगम के बेलदार (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) असलम खान के पांच ठिकानों पर सोमवार को छापे मारकर उसकी बेहिसाब संपत्ति का भंडाफोड़ किया था। लोकायुक्त पुलिस के उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया, हमारे अब तक के मूल्यांकन के मुताबिक खान की संपत्ति का वास्तविक मूल्य लगभग पांच करोड़ रुपये है। इस मिल्कियत की कीमत वैध जरियों से आरोपी की आय के मुकाबले कहीं ज्यादा है। उन्होंने बताया कि खान साल 1998 में नगर निगम में महज 500 रुपये के मासिक वेतन पर भर्ती हुआ था। फिलहाल निगम से उसे हर महीने 18,000 रुपये का वेतन मिलता है।

इस बीच, इंदौर नगर निगम के आयुक्त आशीष सिंह ने बताया कि नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त गुलशन बामरा को पत्र लिखकर सिफारिश की गई है कि खान को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाए। उन्होंने बताया कि अलग-अलग गड़बड़ियों के कारण खान गुजरे बरसों में तीन बार निलंबन की कार्रवाई भी झेल चुका है। हालांकि, कल लोकायुक्त पुलिस के छापों के दौरान वह बेलदार के अपने पद पर काम कर रहा था।

सोमवार को दो किलोग्राम सोना बरामद किया था
डीएसपी बघेल ने बताया कि छापों के दौरान खान के घर से बरामद नकदी जब गिनी गई, तो इसका मूल्य 26 लाख रुपये निकला। इसके अलावा, उसके ठिकानों से सोने के 11 बिस्किट और इस पीली धातु के बेशकीमती जेवरात बरामद किए गए जिनका कुल वजन लगभग दो किलोग्राम बैठता है। इन स्थानों से चांदी का करीब एक किलोग्राम वजनी सामान भी मिला।