मध्यप्रदेश : दलित आंदोलन को लेकर बड़ा खुलासा, इस नेता के इशारे में हुआ था आंदोलन

मध्यप्रदेश

भोपालः दो अप्रेल के पूरे देश में भड़के दलित आंदोलन ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर समेत अधिकाश इलाकों में हिंसात्मक रूप ले लिया था, जिसमें प्रदेश में ही पांच लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। आंदोलन के बाद भड़की हिंसा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हालांकि, प्रदेश समेत देश की भाजपा सरकार इस हिंसा के पीछे कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने का दावा कर रही थी, लेकिन अब हिंसक आंदोलन के चार महीने बीतने के बाद लोकतांत्रिक जनता दल प्रमुख शरद यादव ने दो अप्रेल को हुए आंदोलन और आगामी दलित आंदोलन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

‘हक़, आसानी से नहीं मिलता लड़ना पड़ता है’: यादव

एक न्यूज़ चैनल से साझा साक्षात्कार में एलजेडी अध्यक्ष शरद यादव ने बताया कि दो अप्रैल को दलितों द्वारा किए गए बंद और आगामी 9 अगस्त को होने वाले आंदोलन की तैयारी उनके घर पर ही की गई थी।आगामी आंदोलन को लेकर भी उन्होंने ही सभी पार्टियों से दलित वर्ग को समर्थन दिलाया है। शरद यादव ने चैनल को बताया कि, उनका मानना है कि, देश में अब कोई भी, खासतौर पर अधिकार आसानी से नहीं मिलता, बल्कि उनके लिए लड़ना पड़ता है।

सभी विपक्षी दलों का मिला समर्तन: यादव

साक्षात्कार के दौरान यादव ने बताया कि, पिछली 2 तारीख को हुए बंद की तैयारी भी उन्हीं के घर पर की गई थी और नौ तारीख के लिए भी दलित वर्ग से चर्चा मेरे घर पर ही हुई है। वह लोग सबसे पहले हमारे पास ही आए थे, उन्होंने खुद बताया कि, कांग्रेस पार्टी हमें नैतिक समर्थन दे रही है, शरद पवार की पार्टी ने दिया है, वामपंथियों ने दिया है और अंबेडकर से जुड़े लोगों ने भी उन्हें समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि, एक बड़ी आबादी वंचित समाज की है, नौ तारीख को ऐसा बंद होता की सरकार चुनाव से पहले हिल जाती, इसमें ताकत थी, इसलिए वो ऑर्डिनेंस ला रहे है। वो समझ गए हैं कि भारत बंद होगा। शरद याद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो सोच रहे थे कि दलित अकेले ही बंद कर रहे थे। उन्होंने बताया कि, सभी पार्टियों से बात मेने खुद की और समाज के इस बड़े तबके के इंसाफ दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ सभी विपक्षी दलों से समन्वय करके उन्हें समर्थन दिलाया।