ये बनेंगे MP में कांग्रेस का चेहरा

मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा के जल्द ही चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में जहां सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है, वहीं भाजपा की ओर से भी लगातार सत्ता में बने रहने की कोशिशें जारी है। इसी के चलते भिंड में आयोजित जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान बार-बालाओं को तक जमकर नचाया गया। जानकार इसे भीड़ को जोड़े रखने का तरीका मान रहे हैं। वहीं कांग्रेस में अब तक गुटबाजी भी खत्म नहीं हो सकी है।

इन्हीं सब के बीच कांग्रेस की ओर से लगातार रणनीति में बदलाव भी किया जा रहा है, ताकि हर हाल में सरकार बनाई जा सके। पूर्व में कई बार मांग उठने के बावजूद कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीएम फेस की मांग को हटाते हुए कमलनाथ को कांग्रेस की कमान सौंप दी,वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव अभियान का प्रमुख बनाया। लेकिन जैसे जैसे चुनाव पास आते जा रहे हैं, वैसे वैसे अब एक बार फिर सीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग बढ़ती जा रही है।

वहीं सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस में कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के बावजूद गुटबाजी ख़त्म न होने के कारण उनकी स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। माना यहां तक जा रहा है कि 3 माह के कमलनाथ के कार्यकाल में पार्टी जिला स्तर पर भी मजबूत नहीं हो पाई है। ऐसे में एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम चेहरा घोषित करने की मांग तेज हो गई है। वहीं कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इन सब परिस्थितियों व सिंधिया की लोकप्रियता के चलते उन्हें सीएम कैंडिडेट घोषित किया जा सकता है।

वहीं दूसरी ओर भाजपा लगातार जनता को अपने साथ जोड़ते हुए कांग्रेस से बढ़त बना रही है। इसी के चलते रविवार को भिंड पहुंची सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान यहां नृतकी नचाए जाने की बात भी सामने आई, जिसका वीडियो भी वायरल हो चुका है। इस पर कमलनाथ ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि भीड़ जुटाने के लिए भाजपा एेसे काम कर रही है। कमलनाथ ने कहा, मैनें पहले ही कहा था ये जन आशीर्वाद यात्रा नहीं, कॉमेडी यात्रा है। हमारी यात्रा में जनता खुद आएगी।

जानकारों का मानना है कि हाईकमान को जैसी उम्मीद थी,प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कमलनाथ उतना असर नहीं छोड़ पाए। इसी सब के चलते सिंधिया को चुनाव में आगे कर अब पार्टी रफ़्तार पाना चाहती है। वहीं जानकारों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने लोकप्रियता के हिसाब से सिंधिया ही फिट बैठते हैं।
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी तक पहुंची एक रिपोर्ट में कमलनाथ के काम को लेकर तैयारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यकर्ताओं में कोई उत्साह नहीं है, जबकि चुनाव नजदीक है और भाजपा जोर शोर से मैदान उतर चुकी है। इसके अलावा रिपोर्ट में शिवराज की जनआशीर्वाद यात्रा का भी जिक्र है और यहर् भी कहा गया है कि सिंधिया ही शिवराज को सीधी टक्कर दे सकते हैं।

बताया जाता है कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कमलनाथ पार्टी से गुटबाजी समाप्त करने व कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। वहीं दूसरी तरफ सिंधिया राहुल की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं। फिलहाल मप्र की राजनीति में सिंधिया कमलनाथ से ज्यादा फेमस हैं। इसके अलावा सिंधिया युवा होने के नाते भी युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी सिंधिया काफी मजबूत हैं। ऐसे में सिंधिया को चेहरा घोषित किया जा सकता है।

इसके अलावा अपनी चौथी पारी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। सीएम पूरे प्रदेश में यात्रा के माध्यम से पहुंच रहे हैं और जनता को अपनी घोषणाओं और योजनाओं की उपलब्धियों का बखान कर बता रहे हैं। ऐसे में सिंधिया भी मोर्चा संभाले हुए हैं और बैठकों,सभाओं और यात्राओं के द्वारा विभिन्न जिलों के गांव-गांव में घूम रहे हैं और पार्टी को वोट देने और भाजपा की विदाई की बात कह रहे हैं।

वहीं सोशल मीडिया पर भी सिंधिया एक्टिव बने हुए हैं, लोगों से लाइव चर्चा कर समस्या सुन रहे हैं और उनका समाधान भी कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ कमलनाथ सिर्फ भोपाल तक ही सीमित बने हुए हैं। जिसके चलते वे जमीनी स्तर पर अभी तक माहौल तैयार नहीं कर पाए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी भी कांग्रेस की जमीनी जड़े कमजोर हैं, गुटबाजी समय समय पर उभर कर सामने आ रही है। ऐसे में अगर कमलनाथ को सीएम कैंडिडेट घोषित किया जाता है तो एक बार फिर मध्यप्रदेश कांग्रेस के हाथों से चला जाएगा, वही अगर इसकी कमान सिंधिया को दी जाती है तो चुनाव से पहले अच्छा माहौल तैयार किया जा सकता है।

इसके चलते पार्टी सिंधिया को सीएम कैंडिडेट घोषित कर सकती है। वहीं भिण्ड में सीएम की जन आशीर्वाद सभा के पहले नर्तकी को नचाने पर कमलनाथ ने कहा भीड़ जुटाने के लिए भाजपा एेसे काम कर रही है।