मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने अक्टूबर 2022 तक के लिए 500 करोड़ का कर्ज लिया

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने अक्टूबर 2022 तक के लिए 500 करोड़ का कर्ज लिया

भोपाल मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने अक्टूबर 2022 तक के लिए 500 करोड़ का कर्ज लिया

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने विकास परियोजनाओं की गति को बरकरार रखने के लिए एक बार फिर बाजार से कर्ज लिया है। इस बार तीस माह के लिए 500 करोड़ रुपये उधार लिए गए हैं। इसे अक्टूबर 2022 तक चुकाया जाएगा। इस राशि को मिलाकर प्रदेश अभी तक दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज विभिन्न माध्यमों से ले चुका है।

बताया जा रहा है कि निर्माण परियोजनाओं को गति देने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के फैलाव का असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। लॉकडाउन खुलने के बाद इसे पटरी में आने में कम से कम एक साल लगेगा।

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इस दौरान विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के दायरे में रहते हुए कर्ज ले रही है। इसी कड़ी में अब पांच सौ करोड़ रुपये कर्ज लिया गया है। आमतौर पर कर्ज पांच या दस साल के लिए लिया जाता है, लेकिन इस बार ढाई साल के लिए यह राशि ली गई है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बारिश के पहले सड़कों की मरम्मत और अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को लेखानुदान में सर्वाधिक राशि भी इसी उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है, लेकिन फिलहाल लॉकडाउन के कारण कोषालय में सिर्फ वेतन, भत्ते और जरूरी भुगतान के बिल ही स्वीकार किए जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग ने पांच सौ करोड़ रुपये विभिन्न परियोजनाओं को गति देने के लिए बाजार से कर्ज के तौर पर लिए हैं।

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