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अस्पताल में ओपीडी शुल्क मुफ्त, नहीं लगेंगे एक भी पैसे : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश

अस्पताल में ओपीडी शुल्क मुफ्त, नहीं लगेंगे एक भी पैसे : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में आगामी आदेश तक ओपीडी शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह बात उन्होंने रविवार को मंत्रालय में कोरोना की स्थिति और व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस में कही।

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सीएम ने कहा कि कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड रोकने के लिए लॉकडाउन का कलेक्टर और एसपी कड़ाई से पालन कराएं। कोरोना संबंधी कार्य में लगे अमले के कार्य में बाधा पैदा उत्पन्न करना और कोरोना को छुपाना, दंडनीय अपराध है। नर्स, डॉक्टर आदि के आवागमन के लिए वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुरैना, छिंदवाड़ा आदि जिले में में जो कोरोना संक्रमित एडमिट हैं, उन्हें आवश्यकता हो तो ग्वालियर या जबलपुर के मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में शिफ्ट कराएं। सीएम सोमवार को कलेक्टरों और एसपी से संवाद करके कोरोना की स्थिति को जानेंगे।

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कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में मास्क, दवा, सैनेटाइजर, खाद्य सामग्री आदि की कालाबाजारी सख्ती से रोकी जाए। प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि नीमच, निवाड़ी एवं झाबुआ जिलों से कुछ शिकायतें आई थीं।

– टेस्टिंग किट और दवाएं पर्याप्त हैं

मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में कोरोना किट, पीपीई किट, दवाओं आदि की पर्याप्त उपलब्धता है। अभी हमारी कोरोना की टेस्टिंग क्षमता 500 है। आगामी 3 से 7 दिन में हम इसे बढ़ाकर 1000 तक पहुंचा देंगे। वहीं, अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में लौटने वाले श्रमिकों की संख्या अब कम हो गई है। उनमें से 19083 का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है।

– भोपाल में नहीं कम्युनिटी स्प्रेड के हालात

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में एम्स के डायरेक्टर सरमन ङ्क्षसह ने बताया है कि भोपाल में कोरोना को लेकर कम्यूनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति नहीं है। भोपाल के मरीजों की हालत में भी सुधार है। मुख्यमंत्री ने रविवार को एम्स मेडिसिन विभाग के प्रमुख रजनीश जोशी और कोविड-19 के स्टेट टेक्निकल एडवाइसर लोकेंद्र दवे से भी चर्चा की।

एम्स डायरेक्टर ङ्क्षसह ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना के इलाज के लिए भोपाल के पांच अस्पतालों चिरायू, हमीदिया, जेके, एम्स एवं जेपी को क्षेत्रवार पूल किया जा रहा है। ऐसे प्रबंध किए जा रहे हैं कि मरीज का इलाज जिस अस्पताल में हो रहा हो, वहीं आईसीयू की व्यवस्था हो सके। मुख्यमंत्री ने मेडिकल टीम को निर्देश दिए कि कोरोना के जितने भी सैंपल लिए जा रहे हैं, उनका ट्रैक रिकॉर्ड रखा जाए। सभी मरीजों का विशेष ध्यान रखा जाए। हमारे योद्धा दिन-रात दूसरों की जान बचाने के कार्य में जुटे हुए हैं, उनका हमें पूरा ध्यान रखना है। हमें हर हालत में कोरोना को हराना है।

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