CM SHIVRAJ की फ़र्ज़ी नोटशीट से डॉक्टर को बनाया रजिस्ट्रार

सीएम शिवराज हैं राजनीतिक तौर पर असहिष्णु :कांग्रेस

भोपाल मध्यप्रदेश

भोपाल/गुना: मध्य प्रदेश के गुना में आयोजित एक समारोह में कांग्रेस विधायक महेंद्र सिंह सिसोदिया को मंच से धक्का मारकर उतारे जाने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कांग्रेस ने कहा कि इस घटना से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक असहिष्णुता सामने आ गई है. कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर इस घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि निहायत शर्मनाक, अपनी आवाज उठाने पर बमोरी विधायक महेंद्र सिंह सिसोदिया के साथ गुना में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने जोर-जबरदस्ती और धक्का-मुक्की कर मंच से उतार दिया. भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर होकर एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का अपमान करने से भी नहीं झिझक रही है.

शिवराज का व्यवहार निंदनीय- कांग्रेस
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि सांसद सिंधिया और विधायक सिसोदिया के प्रति शिवराज का व्यवहार निंदनीय है. वे राजनीतिक तौर पर असहिष्णु हो रहे हैं. वे मान्य राजनीतिक परंपराओं की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए हैं. क्षेत्रीय सांसद सिंधिया को आमंत्रित न करना और विधायक से अभद्रता निंदनीय है. गौरतलब है कि गुना के लालपरेड मैदान में सोमवार को एक सरकारी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे. कार्यक्रम के कार्ड पर क्षेत्रीय सांसद सिंधिया का नाम नहीं था. इस पर पहले ही कांग्रेस विरोध दर्ज करा चुकी थी.

कांग्रेस विधायक को धक्का मार कर उतारा था मंच से
क्षेत्रीय सांसद की उपेक्षा का मसला जब सिसोदिया ने उठाने की कोशिश की, तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का मारकर मंच से नीचे उतार दिया. उसके बाद सिसोदिया ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था. वहीं, एक अन्य मामले में मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता केके मिश्रा को विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति बताए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कानूनी नोटिस भेजा गया है. माफी न मांगने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. मिश्रा के वकील अजय गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता मिश्रा के विरुद्ध भोपाल जिला न्यायालय में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रकाश कुमार उइके की अदालत में दाखिल एक व्यक्तिगत मानहानि मामले में शपथपूर्वक दिए बयान में मिश्रा को विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति बताया है. इस पर मुख्यमंत्री चौहान को मिश्रा की ओर से एक वैधानिक नोटिस भेजा है. इस नोटिस में चौहान को तीन दिनों में माफी मांगने के लिए कहा गया है, ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

मानहानिकारक आक्षेप राजनीतिक कारणों से लगाया
गुप्ता द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा केके मिश्रा के खिलाफ मानहानिकारक आक्षेप राजनीतिक कारणों से लगाया गया है, जबकि वे मानसिक तौर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस पार्टी के कई अहम पदों पर कार्य कर रहे हैं. गुप्ता ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ही मेंटल हेल्थकेयर एक्ट-2017 में पारित किया गया है. इस अधिनियम में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को उसके इलाज के लिए प्रयुक्त शब्दावली के अतिरिक्त किसी भी स्थिति में मानसिक रूप से बीमार नहीं कहा जा सकता है, विशेषकर राजनीतिक कारणों से तो कतई नहीं.

गुप्ता के अनुसार, पारित अधिनियम में उपचाररत मरीज को भी मानसिक बीमार नहीं कहा जा सकता है तो संवैधानिक पद पर काबिज एक मुख्यमंत्री द्वारा न्यायालय में शपथपूर्वक दिए गए अपने कथन में मानसिक रूप से स्वस्थ्य किसी व्यक्ति को किस प्रमाण के आधार पर विकृत मानसिकता वाला घोषित करार किया गया. मुख्यमंत्री का यह प्रामाणिक कथन धारा, 499-500 के तहत मानहानिकारक है.